पराली जलाने की लापरवाही बनी आफत: बक्सर में खड़ी गेहूं की फसल मिनटों में राख
बरूना गांव में तेज हवा से बेकाबू हुई आग, कई किसानों की मेहनत स्वाहा — प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल


न्यूज़ विज़न। बक्सर
बक्सर प्रखंड के बरूना गांव के बधार में बुधवार को पराली जलाने की लापरवाही ने एक बार फिर बड़ा नुकसान कर दिया। कुछ किसानों द्वारा हार्वेस्टर से गेहूं की दौनी के बाद खेत में पराली जलाया जा रहा था, लेकिन अचानक चली तेज हवा ने हालात को भयावह बना दिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास की खड़ी गेहूं की फसल को अपनी चपेट में ले लिया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस आगलगी की घटना में अधिवक्ता बेचन राम, सुदामा राम समेत कई किसानों की खड़ी फसल, गेहूं का बोझा और दौनी के बाद रखा गया अनाज जलकर पूरी तरह खाक हो गया। किसानों की खून-पसीने की मेहनत चंद मिनटों में राख में बदल गई। ग्रामीणों ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। सूचना मिलने पर अग्निशमन दल मौके पर पहुंचा, लेकिन तब तक आग अपना कहर बरपा चुकी थी और भारी नुकसान हो चुका था।
इस घटना में कई बीघा खेत में लगी गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई, जिससे हजारों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। पीड़ित किसानों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है। घटना के बाद एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि पराली जलाने पर प्रतिबंध के बावजूद आखिर ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई क्यों नहीं होती। लगातार बढ़ रही इस प्रवृत्ति के कारण निर्दोष किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है, लेकिन प्रशासन और कृषि विभाग की चुप्पी चिंता का विषय बनी हुई है। अगर समय रहते इस पर सख्ती नहीं की गई, तो ऐसे हादसे आगे भी किसानों की मेहनत को यूं ही तबाह करते रहेंगे। जरूरत है जागरूकता के साथ-साथ कड़ी कार्रवाई की, ताकि पराली जलाने वालों के अंदर डर पैदा हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।





