खरवार समाज का फूटा आक्रोश: “जनजाति बहुल पंचायतों में ही लगे विशेष शिविर, लंबित जाति प्रमाण पत्र तुरंत जारी हों”
युवा खरवार महासभा बिहार ने डीएम को सौंपा आवेदन, राजपुर, चौसा और इटाढ़ी प्रखंड में हजारों लोग अब भी प्रमाण पत्र से वंचित


न्यूज़ विज़न। बक्सर
युवा खरवार महासभा बिहार ने बक्सर जिला प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए महासभा के प्रदेश अध्यक्ष राजेश खरवार ने जिला पदाधिकारी को आवेदन सौंपकर पंचायत स्तरीय विशेष शिविरों की सूची में तत्काल सुधार करने की मांग की है। संगठन का आरोप है कि प्रशासन द्वारा जारी सूची में बड़ी संख्या में ऐसे पंचायतों को शामिल किया गया है, जहां जनजाति समुदाय एवं खरवार समाज के लोग निवास ही नहीं करते हैं। इसे लेकर महासभा ने गहरा दुख और चिंता व्यक्त की है।
महासभा ने कहा कि बिहार सरकार के आदेश संख्या 19/9205 दिनांक 19 सितंबर 2025 के आलोक में जिले के अधिकांश प्रखंडों में खरवार जाति का जाति प्रमाण पत्र जारी किया जा रहा है, लेकिन आज भी राजपुर, चौसा एवं इटाढ़ी प्रखंड के हजारों लोग प्रमाण पत्र पाने से वंचित हैं। संगठन का कहना है कि प्रशासनिक लापरवाही एवं उदासीनता के कारण जनजाति समाज के छात्र-छात्राओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि जाति प्रमाण पत्र नहीं मिलने के कारण हजारों छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति, उच्च शिक्षा, सरकारी नौकरी एवं विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं। यह स्थिति जनजाति समाज के संवैधानिक अधिकारों के साथ अन्याय के समान है।
महासभा ने जिला प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि पंचायत स्तरीय शिविरों की सूची की पुनः समीक्षा कर वास्तविक जनजाति बहुल पंचायतों में विशेष शिविर आयोजित किए जाएं। साथ ही राजपुर, चौसा एवं इटाढ़ी प्रखंड में विशेष जांच अभियान चलाकर लंबित जाति प्रमाण पत्रों को अविलंब जारी कराया जाए। संगठन ने यह भी मांग की कि बिहार सरकार के आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए तथा इस मामले में लापरवाही या भेदभाव बरतने वाले संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। महासभा ने स्पष्ट कहा कि जाति प्रमाण पत्र जनजाति समाज के बच्चों का संवैधानिक अधिकार है और इसे किसी भी परिस्थिति में रोका नहीं जाना चाहिए। युवा खरवार महासभा बिहार ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन जनहित में व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होगा।





