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बक्सर ब्लड बैंक की बेरुखी पड़ी भारी, “ब्लड” बक्सर को आरा से बुलानी पड़ी ब्लड बैंक टीम

मारवाड़ी सम्मेलन और ब्लड बक्सर के रक्तदान शिविर में 31 यूनिट रक्त संग्रह, कहा– “अगर सहयोग मिलता तो हर महीने होता महादान”

न्यूज़ विज़न।  बक्सर 
जिले में रक्त की कमी और स्थानीय ब्लड बैंक की कथित उपेक्षा के बीच मंगलवार को बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन, बक्सर शाखा द्वारा “ब्यूटीफुल लाइफ ओनली ऑन डोनेटिंग ब्लड बक्सर” एवं सदर ब्लड बैंक आरा, भोजपुर के सहयोग से मध्य लोहन्दी भवन, आर.एन. पथ, बक्सर में महादान शिविर एवं रक्तदान जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। शिविर में कुल 31 रक्तवीरों ने रक्तदान कर मानवता की मिसाल पेश की।

 

कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष रोहतास गोयल, प्रांतीय उपाध्यक्ष पंकज मानसिंहका, सचिव सह रक्तदान प्रमुख सुमित कुमार मानसिंहका एवं अमृत मानसिंहका ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर ब्लड बक्सर के संस्थापक प्रियेश, उपाध्यक्ष रविशंकर शर्मा, कैंप कोऑर्डिनेटर नसीम नायक एवं आदिल खान भी मौजूद रहे।

 

“बक्सर ब्लड बैंक सहयोग करता तो हर महीने लग सकता था शिविर”
शिविर के दौरान ब्लड बक्सर के संस्थापक प्रियेश ने खुलकर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि बक्सर में नियमित रूप से रक्तदान शिविर आयोजित करने की पूरी क्षमता और इच्छाशक्ति मौजूद है, लेकिन स्थानीय ब्लड बैंक की उपेक्षात्मक रवैये के कारण सामाजिक संस्थाओं को मजबूर होकर भोजपुर आरा के सदर ब्लड बैंक को बुलाना पड़ा। उन्होंने कहा कि यदि बक्सर ब्लड बैंक सहयोगात्मक रवैया अपनाए तो जिले में हर महीने बड़े स्तर पर रक्तदान शिविर आयोजित किए जा सकते हैं, जिससे जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध हो सके।

“रक्तदान महादान, इसका कोई विकल्प नहीं”
मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष रोहतास गोयल ने कहा कि एक यूनिट रक्त किसी की जिंदगी बचा सकता है। रक्त का कोई विकल्प नहीं है, इसलिए रक्तदान वास्तव में महादान और जीवनदान है। उन्होंने युवाओं से बढ़-चढ़कर रक्तदान करने की अपील करते हुए कहा कि रक्तदान से जहां किसी जरूरतमंद को जीवन मिलता है, वहीं रक्तदाता का स्वास्थ्य परीक्षण भी हो जाता है।

रक्तदान से स्वास्थ्य को भी मिलता है लाभ
प्रांतीय उपाध्यक्ष पंकज मानसिंहका ने बताया कि रक्तदान से नई रक्त कोशिकाओं का निर्माण होता है, शरीर में आयरन की मात्रा नियंत्रित रहती है तथा हृदय रोग और कुछ प्रकार के कैंसर का खतरा भी कम होता है। उन्होंने कहा कि रक्तदान से पहले और बाद में रक्तचाप, नाड़ी, तापमान, हीमोग्लोबिन समेत एचआईवी, हेपेटाइटिस बी-सी और सिफिलिस जैसी जांचें पूरी तरह निःशुल्क की जाती हैं, जो व्यक्ति के स्वास्थ्य की वास्तविक स्थिति सामने लाती हैं।

रक्तवीरों को किया गया सम्मानित
शिविर में रक्तदान करने वाले सभी रक्तदाताओं को मोमेंटो, अंगवस्त्र एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। रक्तदान करने वालों में राजा बाबू, विनोद वर्मा, विष्णु शर्मा, रहमान, दिलीप कुमार पांडेय, विशाल वर्मा, सोनू कुमार, राकेश कुमार, सोनू चौधरी, संतोष शंकर देशमुख, आकाश वर्मा, सौरभ कुमार, विकास कुमार, अमर शर्मा, प्रियव्रत, आशुतोष सिंह, अंकित जायसवाल, राहुल कुमार प्रजापति, समीर अंसारी, अनूप कुमार, दीपक कुमार, मो. सैफ, अजय कुमार प्रसाद, राजा चौधरी, बिनय सिंह, चंदन, मंटू कुमार एवं आनंद ओझा सहित कुल 31 लोगों ने रक्तदान किया।

सदर ब्लड बैंक आरा की टीम का रहा विशेष योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में सदर ब्लड बैंक आरा, भोजपुर की टीम एवं डॉ. अमन राज, आदित्य कुमार, अनिल कुमार, पिंकी कुमारी, भूपेंद्र कुमार सिंह और गजेंद्र सिंह का विशेष योगदान रहा। सचिव सह रक्तदान प्रमुख सुमित मानसिंहका ने सभी सहयोगियों, रक्तदाताओं एवं मेडिकल टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्था का प्रयास है कि रक्त की कमी से किसी मरीज की जान न जाए।

 

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