RELIGION

महदह पुलिस लाइन महाशक्ति कालरात्रि नवदुर्गा धाम में 5 से 10 मई तक राधा-कृष्ण प्राण प्रतिष्ठा व लक्ष्मी नारायण महायज्ञ महामहोत्सव

कलश यात्रा से होगी शुरुआत, रोजाना रासलीला, भागवत कथा और रामलीला का होगा आयोजन; हजारों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना

न्यूज़ विज़न।  बक्सर 
बक्सर जिले के महदह स्थित पुलिस लाइन परिसर में मई माह की शुरुआत के साथ ही भक्ति, आस्था और संस्कृति का भव्य संगम देखने को मिलेगा। महाशक्ति कालरात्रि नवदुर्गा धाम ट्रस्ट के तत्वावधान में 5 मई से 10 मई तक श्री राधा-कृष्ण प्राण प्रतिष्ठा एवं श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ महामहोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक आयोजन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और दूर-दराज से श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

 

महोत्सव का शुभारंभ 5 मई को भव्य कलश यात्रा के साथ होगा। इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं और युवतियां पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होकर वातावरण को भक्तिमय बना देंगी। आयोजन के दौरान प्रतिदिन धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला चलेगी। सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक रासलीला का आयोजन होगा, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का मनोहारी मंचन किया जाएगा। वहीं, शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक श्रीमद भागवत कथा का वाचन होगा, जिससे श्रद्धालु आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त कर सकेंगे। इसके बाद रात्रि 8 बजे से 11 बजे तक रामलीला का मंचन किया जाएगा, जो दर्शकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेगा।

 

इस महोत्सव में श्री श्री 1008 गंगापुत्र श्री लक्ष्मीनारायण त्रिदण्डी स्वामी जी महाराज के मुखारविंद से श्रीमद भागवत कथा का वाचन किया जाएगा। उनके प्रवचनों को सुनने के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। वहीं, यज्ञाचार्य के रूप में हरिद्वार से पधार रहे आचार्य अमित भारद्वाज द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महायज्ञ संपन्न कराया जाएगा। महोत्सव का समापन 10 मई को विधिवत पूर्णाहुति एवं विशाल भंडारे के साथ होगा। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की व्यवस्था की जा रही है। आयोजन समिति और ट्रस्ट के सदस्यों के साथ-साथ महदह, भभुअर, नाथपुर, ओड़ी, इजरी समेत आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने सभी श्रद्धालुओं से सपरिवार इस महोत्सव में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है। यह आयोजन न सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का भी संदेश देगा।

 

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