बक्सर में शिव गुरु संगोष्ठी: “शिव ही जगतगुरु, हर व्यक्ति बन सकता है उनका शिष्य”
पटना से आए वक्ताओं ने दिया आध्यात्मिक संदेश, बिना आडंबर के शिव से जुड़ने का आह्वान


न्यूज़ विज़न। बक्सर
बक्सर जिले में स्थानीय शिव शिष्यों एवं शिष्याओं द्वारा एक भव्य शिव गुरु संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महेश्वर शिव के गुरु स्वरूप से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ना और हर व्यक्ति को शिव का शिष्य बनने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में पटना, बिहार से आईं शिव शिष्या अनुनीता आनंद ने कालखंड के प्रथम शिव शिष्य साहब श्री हरिन्द्रानन्द जी के संदेश को विस्तार से साझा किया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव केवल नाम मात्र के गुरु नहीं, बल्कि कार्य और जीवन के मार्गदर्शक गुरु हैं। वे जगतगुरु हैं और हर व्यक्ति—चाहे वह किसी भी धर्म, जाति, संप्रदाय या लिंग का हो—उन्हें अपना गुरु स्वीकार कर सकता है। उन्होंने आगे कहा कि शिव के औढ़रदानी स्वरूप से जहां धन, धान्य और संतान की प्राप्ति की कामना की जाती है, वहीं उनके गुरु स्वरूप से ज्ञान प्राप्त करना भी उतना ही आवश्यक है। ज्ञान के अभाव में किसी भी संपदा का सही उपयोग संभव नहीं होता, बल्कि वह हानिकारक भी साबित हो सकता है।
संगोष्ठी में पटना से आए डॉ. अमित कुमार ने इस विचारधारा को पूर्णतः आध्यात्मिक बताते हुए कहा कि “शिव गुरु हैं और संसार का प्रत्येक व्यक्ति उनका शिष्य हो सकता है।” उन्होंने बताया कि इस अवधारणा में किसी प्रकार की औपचारिक दीक्षा या जटिल प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं होती। केवल यह भाव कि “शिव मेरे गुरु हैं” ही शिष्यता की शुरुआत के लिए पर्याप्त है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 1974 में शिव शिष्य साहब श्री हरिन्द्रानन्द जी द्वारा शिव को गुरु रूप में स्वीकार करने के बाद से 1980 के दशक से यह संदेश निरंतर जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। भारतीय परंपरा में शिव को आदिगुरु, परमगुरु और जगतगुरु के रूप में मान्यता दी गई है, जिसे हमारे शास्त्रों और मनीषियों ने भी स्वीकार किया है।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि शिव का शिष्य बनने के लिए केवल तीन सरल सूत्र ही पर्याप्त हैं और इसमें किसी प्रकार के अंधविश्वास या आडंबर का कोई स्थान नहीं है। इस संगोष्ठी में मंगल सिंह, ब्रजेश, अनिल, सतीश दास, गजानन, बी.एन. सिंह, कृष्णा सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे और शिव गुरु के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में जितेंद्र कृष्णा सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस आयोजन ने क्षेत्र में आध्यात्मिक जागरूकता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया।





