CRIME

करंट की चपेट में आने से दो मासूम की मौत, मुआवजे की मांग पर सड़क जाम

खिलाफतपुर गांव में रेलवे ट्रैक के पास खेत में बिछे नंगे तार बने काल, आक्रोशित ग्रामीणों ने शव रखकर किया प्रदर्शन

न्यूज़ विज़न।  बक्सर 
जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र अंतर्गत खिलाफतपुर गांव में मंगलवार को एक हृदयविदारक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। रेलवे लाइन के समीप स्थित एक खेत में निजी बोरिंग के लिए बिछाए गए चालू विद्युत तार की चपेट में आने से दो मासूम बच्चों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है, जबकि आक्रोशित ग्रामीणों ने मुआवजे और कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया।

 

मृतक बच्चों की पहचान खिलाफतपुर गांव निवासी रामाशंकर मुसहर और दिमांगी मुसहर के पुत्रों के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों बच्चे मंगलवार को रेलवे ट्रैक के किनारे डंप किए गए कोयले की ओर जा रहे थे। इसी दौरान वहां तैनात प्लांट के सुरक्षा गार्डों ने कोयला चोरी की आशंका में बच्चों को डांटकर भगा दिया। गार्डों के डर से भागते हुए दोनों बच्चे पास के एक खेत में पहुंच गए। दुर्भाग्यवश खेत में निजी बोरिंग के संचालन के लिए नंगा बिजली का तार बिछाया गया था, जिसमें उस समय करंट प्रवाहित हो रहा था। बच्चों का पैर या शरीर तार के संपर्क में आते ही वे करंट की चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

 

घटना के बाद मचा कोहराम
दोनों बच्चों की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए। आक्रोशित लोगों ने बच्चों के शवों को उठाकर मुफ्फसिल थाना पहुंचाया और प्रशासन से न्याय तथा मुआवजे की मांग की। बाद में ग्रामीणों ने दोनों शवों को यादव मोड़ तिराहे पर रखकर चौसा-बक्सर मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। सड़क जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यात्रियों को घंटों तक भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

मुआवजे और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों का आरोप था कि खेत में खुलेआम नंगे बिजली के तार बिछाए गए थे, जो पहले से ही हादसे को आमंत्रण दे रहे थे। लोगों ने इसे घोर लापरवाही बताते हुए जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई की मांग की। साथ ही मृतक बच्चों के परिजनों को पर्याप्त सरकारी सहायता और मुआवजा देने की मांग भी उठाई।

प्रशासन के आश्वासन के बाद हटा जाम
सड़क जाम और तनावपूर्ण स्थिति की सूचना मिलते ही मुफ्फसिल थाना के अपर थानाध्यक्ष चंदन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने भी लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। काफी समझाने-बुझाने के बाद प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को सरकारी प्रावधानों के तहत उचित मुआवजा दिलाने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त कर दिया।

पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा की प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। अधिकारियों ने बताया कि घटना की गंभीरता से जांच की जा रही है तथा यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

गांव में पसरा मातम
एक ही गांव के दो मासूम बच्चों की असामयिक मौत से खिलाफतपुर गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि खेत में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता और खुले तार नहीं छोड़े गए होते, तो यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था। घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली सुरक्षा और निजी बोरिंगों में बरती जा रही लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

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