सातवीं पुण्यतिथि पर भावुक हुआ बक्सर परिवार, अजीत सिंह की याद में नम हुईं आंखें
बक्सर परिवार को मजबूती देने वाले अजीत सिंह को श्रद्धांजलि, मित्रों और सहकर्मियों ने साझा कीं पुरानी यादें


न्यूज़ विज़न। बक्सर
बक्सर परिवार को अपनी कर्मठता, आत्मीयता और मजबूत व्यक्तित्व से जोड़कर रखने वाले स्वर्गीय अजीत सिंह की सातवीं पुण्यतिथि पर गुरुवार, 27 अगस्त को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। ब्रदर्स बिजनेस सेंटर (BBC), कैलाश भवन, सिंडिकेट गोलंबर परिसर में आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा में उनके मित्रों, शुभचिंतकों और कैलाश भवन के कर्मचारियों सहित परिजनों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्रद्धांजलि सभा की शुरुआत स्वर्गीय अजीत सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई। उनके बड़े भाई अमित सहित उपस्थित मित्रों और कर्मचारियों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उन्हें नमन किया। इस दौरान सभी ने अजीत सिंह के साथ बिताए अपने यादगार पलों को साझा किया और उनके व्यक्तित्व एवं सामाजिक व्यवहार को याद किया।
दरियादिली और मिलनसार स्वभाव को किया याद
इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि अजीत सिंह बेहद मिलनसार, मददगार और दरियादिल इंसान थे। वे अपने परिचितों और मित्रों के सुख-दुख में हमेशा खड़े रहते थे। उनकी सहजता, आत्मीय व्यवहार और लोगों के प्रति अपनापन उन्हें सबसे अलग बनाता था। यही वजह है कि सात वर्ष बीत जाने के बाद भी उनकी यादें आज भी उनके करीबियों के दिलों में ताजा हैं। कम उम्र में ही दुनिया को अलविदा कह देने वाले अजीत सिंह की स्मृतियों को याद करते हुए सभा में मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। मित्रों ने उनके साथ बिताए पुराने पलों को साझा किया तो माहौल भावुक हो उठा। उपस्थित लोगों ने कहा कि अजीत सिंह भले ही आज उनके बीच मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनके विचार, व्यवहार और लोगों के प्रति उनका प्रेम हमेशा उनकी यादों में जीवित रहेगा।
मित्रों और कर्मचारियों ने दी श्रद्धांजलि
श्रद्धांजलि सभा में पंजाब एवं सिंध बैंक की सीनियर मैनेजर अंजलि कुमारी, उज्जीवन बैंक के मैनेजर विनीत कुमार, राजेश दुबे सहित कैलाश भवन के कर्मचारी और अजीत सिंह को चाहने वाले बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। इस अवसर पर सुजीत सिंह, अप्पू ओझा, विनायक, राकेश, अंटू, नागेंद्र, मनीष सिंह, अजय, कमलेश, अभिषेक पांडेय, यादव जी, विनोद सिंह सहित अन्य मित्रों और शुभचिंतकों ने स्वर्गीय अजीत सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। सभा के दौरान सभी ने उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। श्रद्धांजलि सभा ने यह साबित कर दिया कि किसी इंसान की जिंदगी भले ही समय के साथ समाप्त हो जाए, लेकिन उसके अच्छे व्यवहार, रिश्ते और लोगों के दिलों में छोड़ी गई यादें कभी खत्म नहीं होतीं।





