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बक्सर की बेटी कमलाक्षी कुमारी ने अधिवक्ता से CBI अधिकारी बन रचा इतिहास, सिविल सेवा परीक्षा में 11वीं रैंक

ब्रह्मपुर के निमेज गांव की बेटी की शानदार सफलता से परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर

न्यूज़ विज़न।  बक्सर 
बेटियों की सफलता हमेशा माता-पिता के सीने को गर्व से चौड़ा कर देती है। ऐसी ही गौरवपूर्ण उपलब्धि बक्सर जिले के ब्रह्मपुर प्रखंड के निमेज गांव की बेटी कमलाक्षी कुमारी ने हासिल की है। सिविल सेवा परीक्षा में 11वीं रैंक हासिल कर कमलाक्षी कुमारी का चयन सीबीआई अधिकारी के रूप में हुआ है। उनकी इस शानदार सफलता की खबर मिलते ही परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। वहीं गांव, समाज और पूरे क्षेत्र में भी लोग उनकी उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं।

 

कमलाक्षी कुमारी के पिता राज सूजान पांडे न्यायिक पदाधिकारी हैं और वर्तमान में कटिहार जिले के बरसोई कोर्ट में पदस्थापित हैं। घर में शुरू से ही पढ़ाई-लिखाई, अनुशासन, न्याय और कानून के प्रति सकारात्मक माहौल रहा। इसी वातावरण ने कमलाक्षी के व्यक्तित्व और लक्ष्य को मजबूत आधार दिया।

 

बक्सर से बनारस हिंदू विश्वविद्यालय तक तय किया शिक्षा का सफर

कमलाक्षी कुमारी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, बक्सर से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने महिला महाविद्यालय, भभुआ, कैमूर से 12वीं की पढ़ाई पूरी की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) का रुख किया और कानून की पढ़ाई पूरी की। शिक्षा पूरी करने के बाद कमलाक्षी ने बक्सर व्यवहार न्यायालय में टेबल नंबर 32 पर वरिष्ठ अधिवक्ता अरुण कुमार सिंह के साथ प्रैक्टिस भी की। न्यायिक क्षेत्र में काम करने के दौरान उनकी प्रतिभा, मेहनत और लोगों को न्याय दिलाने की भावना स्पष्ट रूप से देखने को मिली।

वरिष्ठ अधिवक्ता ने बताया- मेधावी अधिवक्ता थीं कमलाक्षी

वरिष्ठ अधिवक्ता अरुण कुमार सिंह ने कमलाक्षी कुमारी की सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि वह एक मेधावी और मेहनती अधिवक्ता थीं। लोगों को न्याय दिलाने के मामलों में वह बढ़-चढ़कर रुचि लेती थीं। उनकी कार्यशैली और सीखने की लगन शुरू से ही अलग नजर आती थी। कमलाक्षी का लक्ष्य मूल रूप से न्यायिक सेवा में जाने का था। हालांकि सिविल सेवा परीक्षा में शानदार सफलता के बाद उनका चयन सीबीआई अधिकारी के रूप में हुआ है। इसके बावजूद उनका न्यायिक सेवा का सपना अभी भी कायम है और वह आगे भी न्यायिक सेवा की तैयारी जारी रखने की इच्छा रखती हैं।

बेटी की सफलता पर पिता की आंखों में दिखा गर्व

कमलाक्षी के सीबीआई अधिकारी बनने की खबर पर उनके पिता राज सूजान पांडे भावुक और बेहद खुश नजर आए। बेटी द्वारा स्वयं सफलता की खुशखबरी दिए जाने का पल उनके लिए बेहद खास रहा। उनके चेहरे पर बेटी की उपलब्धि का गर्व साफ झलकता है और खुशी में उनकी आवाज तक कांपती नजर आई। पिता के लिए यह उपलब्धि महज एक नौकरी हासिल करने की खबर नहीं, बल्कि वर्षों से देखे गए उस सपने के साकार होने जैसा है, जिसे उन्होंने मेहनत, त्याग और संस्कारों के साथ अपनी बेटी के भविष्य में सींचा था।

युवाओं के लिए दिया मेहनत और मजबूत इरादे का संदेश

राज सूजान पांडे ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि इरादा मजबूत हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो कोई भी मुश्किल इंसान को उसके लक्ष्य तक पहुंचने से नहीं रोक सकती। कमलाक्षी की सफलता उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों या कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कमलाक्षी कुमारी की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि निमेज गांव, ब्रह्मपुर और पूरे बक्सर जिले के लिए गर्व का विषय है। उनकी सफलता ने यह संदेश भी दिया है कि बेटियों को बेहतर शिक्षा, उचित मार्गदर्शन और परिवार का मजबूत सहयोग मिले तो वे किसी भी ऊंचाई को हासिल कर सकती हैं।

अधिवक्ता संघ ने दी बधाई

कमलाक्षी कुमारी की सफलता पर बक्सर व्यवहार न्यायालय के अधिवक्ताओं में भी खुशी का माहौल है। अधिवक्ता संघ के सदस्यों एवं न्यायिक पदाधिकारियों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सभी ने उम्मीद जताई कि कमलाक्षी आगे भी अपने प्रतिभा और परिश्रम से परिवार, समाज और बक्सर जिले का नाम रोशन करती रहेंगी। कमलाक्षी कुमारी की कहानी आज उन बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई है, जो बड़े सपने देखती हैं और उन्हें पूरा करने के लिए लगातार मेहनत करती हैं। सिविल सेवा परीक्षा में 11वीं रैंक हासिल कर सीबीआई अधिकारी बनने वाली इस बेटी ने साबित कर दिया है कि मजबूत संकल्प, निरंतर परिश्रम और परिवार के संस्कार सफलता की राह को आसान बना सकते हैं।

 

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