लोयोला स्कूल में सावन महोत्सव की धूम, भोलेनाथ-पार्वती के रूप में सजे बच्चों ने मोहा मन
शिव-पार्वती की मनमोहक झांकी बनी आकर्षण का केंद्र, भक्ति और संस्कृति के रंग में रंगा विद्यालय परिसर, रक्षाबंधन के महत्व पर हुई चर्चा, छात्राओं ने छात्रों की कलाई पर बांधी राखी


न्यूज़ विज़न। बक्सर
पांडेयपट्टी स्थित लोयोला स्कूल में गुरुवार को सावन महोत्सव का आयोजन श्रद्धा, भक्ति, संस्कृति और उमंग के माहौल में किया गया। भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती का रूप धरे बच्चे कार्यक्रम में आकर्षण का प्रमुख केंद्र बने। बच्चों की मनमोहक वेशभूषा और धार्मिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम में शिव पूजन एवं अभिषेक के साथ भजन, गीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, मेहंदी और रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया।
शिव-पार्वती के रूप में दिखे नन्हे कलाकार
सावन महोत्सव के दौरान भगवान शिव और माता पार्वती का रूप धारण किए बच्चों ने अपनी प्रस्तुति से सभी का ध्यान आकर्षित किया। ‘ॐ नमः शिवाय’ के जयघोष और भजनों से विद्यालय परिसर का माहौल भक्तिमय हो गया। विद्यार्थियों ने धार्मिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से सावन की महत्ता को भी दर्शाया।
राखी बांधकर दिया प्रेम और भाईचारे का संदेश
कार्यक्रम के दौरान रक्षाबंधन के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। विद्यार्थियों को भाई-बहन के बीच प्रेम, विश्वास, स्नेह और एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी के महत्व की जानकारी दी गई। इसके बाद कई छात्राओं ने छात्रों की कलाई पर राखी बांधकर भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की खूबसूरती को जीवंत किया। इस दौरान बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला।
मेहंदी और रचनात्मक गतिविधियों में दिखी प्रतिभा
महोत्सव के दौरान मेहंदी एवं विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लेते हुए अपनी कला और रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। भजन संध्या और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने आयोजन में चार चांद लगा दिए।
प्रधानाचार्य समीक्षा तिवारी ने बताया आयोजन का उद्देश्य
विद्यालय की प्रधानाचार्य समीक्षा तिवारी ने कहा कि सावन महोत्सव के माध्यम से बच्चों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और प्रकृति से जोड़ने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन जैसे पर्व बच्चों को रिश्तों की अहमियत, प्रेम और आपसी विश्वास का संदेश देते हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से बच्चों में संस्कार, रचनात्मकता, भाईचारा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।
पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिसर में पौधारोपण किया गया। विद्यार्थियों और विद्यालय परिवार ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। बच्चों को पेड़-पौधों के महत्व और प्रकृति को हरा-भरा बनाए रखने के प्रति जागरूक किया गया। सावन की हरियाली और पौधारोपण के साथ महोत्सव का समापन प्रकृति संरक्षण के संकल्प के साथ हुआ।





