पाथवेज वर्ल्ड स्कूल डुमरांव में हर्षोल्लास से मनाया गया रक्षाबंधन, बच्चों ने राखी बांधकर दिया प्रेम और भाईचारे का संदेश
गणेश पूजन से हुई कार्यक्रम की शुरुआत, छात्राओं ने छात्रों व शिक्षकों को बांधी राखी; ड्राइंग, डिबेट, स्पीच और रंगारंग कार्यक्रमों ने बांधा समां


न्यूज़ विज़न। बक्सर
टेक्सटाइल कॉलोनी, बाड़ा बाग रोड स्थित पाथवेज वर्ल्ड स्कूल डुमरांव में रक्षाबंधन के अवसर पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने भाई-बहन के पवित्र प्रेम, विश्वास, स्नेह और एक-दूसरे के प्रति सम्मान की भावना को प्रदर्शित किया।
कार्यक्रम की शुरुआत रागनी केसरी एवं शिवानी तिवारी द्वारा भगवान गणेश को राखी बांधकर की गई। इसके बाद छात्राओं ने छात्रों की कलाई पर राखी बांधी। छात्राओं ने भाइयों की आरती उतारी, तिलक लगाया और मिठाई खिलाकर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। वहीं, छात्रों ने भी अपनी बहनों को उपहार भेंट कर उनके प्रति स्नेह एवं सम्मान व्यक्त किया। रक्षाबंधन को यादगार बनाने के लिए विद्यालय में बच्चों द्वारा स्वयं अपने हाथों से रंग-बिरंगी एवं फोटो वाली आकर्षक राखियां तैयार की गईं। बच्चों की रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के लिए ड्राइंग, डिबेट, स्पीच सहित विभिन्न गतिविधियों और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने अपने शिक्षकों को भी राखी बांधी। इस दौरान गुरु-शिष्य के बीच आत्मीयता, सम्मान और विश्वास की भावनाएं देखने को मिलीं। बच्चों की इस पहल ने कार्यक्रम को और भी भावनात्मक एवं यादगार बना दिया। विद्यालय की शिक्षिका रेशम केसरी ने रक्षाबंधन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के बीच प्रेम, विश्वास और स्नेह का प्रतीक है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके सुख, समृद्धि और रक्षा की कामना करती हैं, जबकि भाई अपनी बहनों को उपहार देकर उनकी रक्षा और हर परिस्थिति में साथ देने का संकल्प लेते हैं।
इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक इंजीनियर आर. राघवन सहित पूरा विद्यालय परिवार मौजूद रहा। निदेशक इंजीनियर आर. राघवन ने कहा कि बच्चों को अपनी संस्कृति, परंपराओं और इतिहास से जोड़ने वाले ऐसे कार्यक्रम उनके व्यक्तित्व एवं भविष्य को संवारने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि संस्कार, संस्कृति और मानवीय मूल्यों की समझ भी बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लेने वाले सभी बच्चों एवं शिक्षकों को धन्यवाद दिया तथा सभी को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में कक्षा 8 की अनिका, सोनाली, अंश, काव्या, अमरकांत, धनु, एकलव्या, अनन्या जायसवाल, शिवम पटेल, वाणिशका सहित विद्यालय के अन्य छात्र-छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में उत्सव और उल्लास का माहौल बना रहा।





