पेड़-पौधों को राखी बांधकर ट्रिनिटी कॉन्वेंट के विद्यार्थियों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
भाई-बहन के प्रेम के साथ प्रकृति की रक्षा का दिया संदेश, राखी निर्माण प्रतियोगिता में बच्चों ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा


न्यूज़ विज़न। बक्सर
ट्रिनिटी कॉन्वेंट स्कूल, चुरामनपुर में रक्षाबंधन का पर्व इस बार प्रेम, भाईचारे, रचनात्मकता और पर्यावरण संरक्षण के अनूठे संदेश के साथ मनाया गया। विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए विभिन्न रचनात्मक, सांस्कृतिक एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में भाई-बहन के पवित्र रिश्ते के साथ-साथ आपसी सहयोग, स्नेह, सुरक्षा और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत मॉन्टेसरी कक्षा के बच्चों द्वारा एक-दूसरे को राखी बांधने के साथ हुई। इस दौरान बच्चों ने हमेशा एक-दूसरे की मदद और सहयोग करने की शपथ ली। इसके बाद आर्ट एंड क्राफ्ट गतिविधि के तहत विद्यार्थियों ने रंग-बिरंगे कागज और विभिन्न सजावटी सामग्रियों का प्रयोग कर आकर्षक राखियां तैयार कीं। बच्चों ने अपनी कल्पनाशीलता और कला-कौशल का शानदार प्रदर्शन करते हुए सुंदर एवं मनमोहक राखियां बनाईं। वहीं, कक्षा एक से तीन तक के विद्यार्थियों के बीच राखी निर्माण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई रंग-बिरंगी एवं आकर्षक राखियां विद्यालय के बालकों की कलाइयों पर बांधी गईं। इस दौरान विद्यालय परिसर में भाईचारे, प्रेम, स्नेह और आपसी सहयोग का खुशनुमा वातावरण देखने को मिला।
पेड़ों को राखी बांधकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
रक्षाबंधन कार्यक्रम का सबसे अनोखा और प्रेरणादायक पहलू विद्यार्थियों द्वारा की गई पर्यावरण संरक्षण की पहल रही। बच्चों ने विद्यालय परिसर में स्थित पेड़-पौधों को राखी बांधी और उनकी रक्षा करने का संकल्प लिया। विद्यार्थियों ने संदेश दिया कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति और पर्यावरण की सुरक्षा भी हमारी जिम्मेदारी है। पेड़ों को राखी बांधते हुए बच्चों ने प्रकृति के प्रति अपने प्रेम और जिम्मेदारी को प्रदर्शित किया। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि पेड़ हमारे जीवन के सच्चे रक्षक हैं और उनके संरक्षण के बिना स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य की कल्पना नहीं की जा सकती। विद्यालय परिवार ने भी बच्चों की इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि छोटे-छोटे प्रयास ही भविष्य में बड़े बदलाव का आधार बनते हैं।
प्रधानाध्यापिका ने रक्षाबंधन के महत्व पर डाला प्रकाश
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाध्यापिका श्रीमती सोनिका पांडे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए रक्षाबंधन पर्व के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के बीच प्रेम, विश्वास, स्नेह और सुरक्षा के पवित्र रिश्ते का प्रतीक है। बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसके सुखी एवं सुरक्षित जीवन की कामना करती है, वहीं भाई उसकी रक्षा का संकल्प लेता है। उन्होंने बच्चों को समझाया कि रक्षाबंधन हमें एक-दूसरे की सहायता करने, सम्मान करने और अपने प्रियजनों की सुरक्षा के साथ-साथ प्रकृति की रक्षा करने की भी प्रेरणा देता है। प्रधानाध्यापिका श्रीमती सोनिका पांडे ने पेड़ों को राखी बांधने की विद्यार्थियों की पहल की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रकृति हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा है और पेड़ हमें ऑक्सीजन, छाया, फल तथा स्वच्छ वातावरण प्रदान करते हैं। जिस प्रकार हम अपने भाई-बहनों की रक्षा का संकल्प लेते हैं, उसी प्रकार पेड़-पौधों की रक्षा करना भी हमारा कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि बच्चों द्वारा की गई यह पहल महज एक गतिविधि नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी का सुंदर संदेश है। यदि आज के बच्चे प्रकृति की रक्षा का संकल्प लेते हैं, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, स्वस्थ, हरित और सुरक्षित पर्यावरण का निर्माण किया जा सकता है।
शिक्षक-शिक्षिकाओं के सहयोग से सफल हुआ आयोजन
कार्यक्रम में बच्चों ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ भाग लिया। विद्यालय परिसर में रक्षाबंधन का पर्व प्रेम, सहयोग, रचनात्मकता और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ मनाया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में कामिनी सिंह, खुशबु सिंह, जागृति, नंदिनी दुबे, अंजू सिंह, स्नेहा दुबे, खुशबु कुमारी, शिल्पी वर्मा, सुस्मिता ओझा, अमृता सिंह, मीनल शांडिल्य, उमेश कुमार, अंकित उपाध्याय, जेसिका विल्सन, भूपेंद्र, उपेंद्र सिंह, अजीत सिंह, अग्रता सिंह, राहुल सिंह, निधि पांडे, राहुल जयसवाल, रामकुमार दुबे एवं जागृति कुमारी सहित विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। सभी शिक्षकों के सहयोग, समर्पण और मार्गदर्शन से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। विद्यालय परिवार ने विद्यार्थियों के उत्साह और रचनात्मक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों में संस्कार, सहयोग की भावना, रचनात्मकता तथा पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।





