मध्यमवर्गीय परिवार की बेटी नव्या पाठक ने CBSE 10वीं में 96% अंक लाकर बनी प्रेरणा की मिसाल
हिंदी में 98 अंक हासिल कर चमकी नव्या, संघर्ष और मेहनत से पाई बड़ी सफलता — परिवार और फाउंडेशन स्कूल का बढ़ाया मान


न्यूज़ विज़न। बक्सर
जिले के एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाली होनहार छात्रा नव्या पाठक ने CBSE 10वीं बोर्ड परीक्षा में 96 प्रतिशत अंक प्राप्त कर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे विद्यालय का नाम रोशन किया है। फाउंडेशन स्कूल में पढाई करनेवाली नव्या ने स्कूल के मार्गदर्शन अपनी मेहनत, लगन और अनुशासन के दम पर यह साबित कर दिया कि सफलता संसाधनों की मोहताज नहीं होती, बल्कि मजबूत इरादों से हासिल की जाती है।
नव्या ने सभी विषयों में शानदार प्रदर्शन किया, जिसमें हिंदी विषय में उन्होंने सर्वाधिक 98 अंक प्राप्त कर विशेष उपलब्धि हासिल की। उनकी यह सफलता उनके दृढ़ संकल्प और पढ़ाई के प्रति समर्पण को दर्शाती है। एक भाई तीन बहनों में तीसरे स्थान पर आने वाली नव्या का परिवार भी शिक्षा के प्रति काफी सजग है। उनकी बड़ी बहन बीटेक की पढ़ाई कर रही हैं, जबकि मझली बहन दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन कर रही हैं। वहीं सबसे छोटा भाई फाउंडेशन स्कूल में कक्षा 9वीं का छात्र है। इस तरह पूरे परिवार में शिक्षा का माहौल नव्या की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
नव्या के पिता राजीव पाठक एक प्राइवेट नौकरी में कार्यरत हैं, जबकि उनकी माँ नूतन देवी गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद माता-पिता ने अपनी बेटी को हर संभव सहयोग और प्रोत्साहन दिया, जिसका परिणाम आज सभी के सामने है। फाउंडेशन स्कूल की सेकेंड टॉपर बनी नव्या की इस उपलब्धि पर विद्यालय परिवार भी बेहद गौरवान्वित है। शिक्षकों ने उनकी मेहनत और अनुशासन की सराहना करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है। नव्या की यह सफलता उन सभी छात्रों के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। यह कहानी बताती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।





