सुहागिनों ने वट वृक्ष की पूजा कर पति के दीर्घायु होने की कामना की
जिलेभर में आस्था और हर्षोल्लास के साथ सुहागिनों ने वट सावित्री का रखा व्रत


न्यूज विजन। बक्सर
शनिवार को जिलेभर में वट सावित्री पूजा श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही वट वृक्ष स्थलों पर सुहागिन महिलाओं की भीड़ उमड़ने लगी। सोलह श्रृंगार कर महिलाओं ने पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना करते हुए विधि-विधान से वट वृक्ष की पूजा-अर्चना की। सुहागिन महिलाओं ने पति की लंबी उम्र के लिए वट सावित्री का व्रत रखकर विधि विधान से पूजा की और जीवन का संकट हरकर पति की दीर्घायु होने का वरदान मांगा। नगर क्षेत्र की व्रती महिलाओं ने सुबह नाथ बाबा घाट, सती घाट, रामरेखा घाट, सिद्धनाथ घाट समेत अन्य गंगा घाटों पर स्नान के बाद वट वृक्ष की पूजा की। शहर में रामरेखा घाट, पुरानी कचहरी परिसर, कलेक्ट्रेट गेट, चीनी मिल, सब्जी मंडी, महात्मा गांधी बड़ा बाजार परिसर के अलावा अन्य जगहों पर बरगद की पूजा करने के लिए महिलाएं जुटी रहीं।
पंडित त्रिलोकी नाथ तिवारी ने बताया कि पौराणिक कथाओं के अनुसार एक बार सत्यवान राजा की आयु पूरी होने पर यम के दूत उनके प्राणों का हरण कर यमलोक ले गए। इसकी जानकारी जब उनकी धर्मपत्नी सती सावित्री को हुई तो उन्होंने यमराज से लड़ते हुए अपने पति के जीवन को बचा लिया। ऐसी मान्यता है कि ज्येष्ठ मास की कृष्णपक्ष की अमावस्या तिथि को वट वृक्ष की पूजा करने से सुहागिन महिलाओं के पतियों को दीर्घायु प्राप्त होती है। उन्होंने बताया कि सुबह पूजा करने वाली महिलाओ को विशेष फल की प्राप्ति होगी।
बरगद वृक्ष के नीचे धूप, दीप, नैवेद्य, फल, फूल व मेवा मिष्ठान के साथ विधान से पूजा कर वटवृक्ष की 11, 21, 51 या फिर 108 बार परिक्रमा कर पतियों के दीर्घायु होने का वरदान मांगा। पूजा पाठ का सिलसिला सुबह से शुरू हो गया। इसके अलावा नगर सहित जिले के विभिन्न गांव में सुहागिन महिलाओं ने वट वृक्ष की।





