ईद मिलाद-उन-नबी पर बक्सर में निकली भव्य शोभायात्रा, तिरंगे और इस्लामी परचम के साथ दिखा गंगा-जमुनी तहजीब का रंग
अकीदत और उत्साह के बीच हजारों लोगों ने लिया हिस्सा, मक्का-मदीना और अजमेर शरीफ की झांकियों ने मोहा मन


न्यूज़ विज़न। बक्सर
पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मोत्सव ईद मिलाद-उन-नबी के मुबारक मौके पर बुधवार को बक्सर शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। अकीदत, उत्साह और भाईचारे से सराबोर इस शोभायात्रा में गंगा-जमुनी तहजीब और देशभक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। जुलूस में शामिल हजारों लोग हाथों में इस्लामी परचम के साथ शान से तिरंगा लहराते नजर आए। जगह-जगह लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत कर सामाजिक सौहार्द की मिसाल पेश की।
सुबह करीब नौ बजे से ही शहर के विभिन्न मोहल्लों से छोटे-छोटे जुलूस निकलने शुरू हो गए। नई बाजार, गजाधरगंज, स्टेशन रोड, कोईरपुरवा, पीपी रोड, ठठेरी बाजार, सोहनी पट्टी, खलासी मोहल्ला, दर्जी मोहल्ला, गोला बाजार, सिविल लाइंस, जहाज घाट, नालबंद टोली, सारिमपुर और अहिरौली सहित विभिन्न इलाकों से निकले जुलूस ‘सरकार की आमद मरहबा’ के नारों के साथ आगे बढ़ते रहे।
यमुना चौक पर एकजुट हुआ शहर
सुबह करीब 10 बजे तक विभिन्न मोहल्लों से निकले सभी जुलूस यमुना चौक पहुंचे, जहां सभी समूह एक विशाल शोभायात्रा में तब्दील हो गए। इसके बाद शोभायात्रा मेन रोड, बड़ी देवी, अस्पताल रोड, थाना रोड, मुनीम चौक, पीपी रोड और रामरेखा घाट रोड होते हुए वीर कुंवर सिंह चौक पहुंची। शोभायात्रा के दौरान सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। धार्मिक उत्साह के साथ लोगों में देशभक्ति का जज्बा भी नजर आया। हाथों में तिरंगा और इस्लामी परचम लेकर चल रहे लोगों ने सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश दिया।
मक्का-मदीना और अजमेर शरीफ की झांकियों ने मोहा मन
शोभायात्रा में मक्का मुअज्जमा, मदीना शरीफ और अजमेर स्थित ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह की आकर्षक एवं खूबसूरत झांकियां शामिल थीं। इन झांकियों को देखने के लिए रास्ते भर लोगों की भीड़ उमड़ती रही। झांकियों ने शोभायात्रा को विशेष आकर्षण प्रदान किया। वीर कुंवर सिंह चौक से शोभायात्रा आगे बढ़ते हुए किला मैदान के सामने स्थित हजरत दरिया शहीद बाबा के मजार पहुंची, जहां फातिहा ख्वानी के साथ शोभायात्रा का समापन किया गया।
जगह-जगह हुआ इस्तकबाल, लगाए गए लंगर और शरबत के स्टॉल
शोभायात्रा के रास्ते में शहर के दर्जनों स्थानों पर लोगों ने जुलूस का गर्मजोशी से इस्तकबाल किया। श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह लंगर, पानी, शरबत, कोल्ड ड्रिंक, मिठाई, फल और खजूर के स्टॉल लगाए गए थे। लोगों ने आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ शोभायात्रा में शामिल लोगों की सेवा की। पूरे कार्यक्रम के दौरान सामाजिक सौहार्द का माहौल बना रहा। सुरक्षा और विधि-व्यवस्था को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
डॉ. दिलशाद आलम कादरी ने दिया अमन और भाईचारे का संदेश
गोला बाजार से निकली शोभायात्रा में प्रख्यात चिकित्सक डॉ. दिलशाद आलम कादरी भी शामिल हुए। उन्होंने जिलेवासियों को ईद मिलाद-उन-नबी की मुबारकबाद देते हुए कहा कि मोहम्मद साहब का जीवन पूरी इंसानियत के लिए रहमत, अमन, मोहब्बत और इंसाफ का पैगाम है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में समाज को पैगंबर साहब के बताए सत्य, सादगी और आपसी भाईचारे के रास्ते पर चलने की सबसे अधिक जरूरत है। डॉ. कादरी ने बक्सर की धरती को साझा संस्कृति और सामाजिक सौहार्द की मिसाल बताते हुए इसे हमेशा मजबूत बनाए रखने का आह्वान किया। ईद मिलाद-उन-नबी के मौके पर निकली इस भव्य शोभायात्रा ने बक्सर की सामाजिक एकता, आपसी भाईचारे और साझा संस्कृति की खूबसूरत तस्वीर पेश की। धार्मिक आस्था के साथ इंसानियत, देशभक्ति और सौहार्द का संदेश देती यह शोभायात्रा पूरे शहर में चर्चा का केंद्र बनी रही।





