बच्चों में वायरल फीवर का बढ़ा खतरा, अभिभावक रहें सतर्क : डॉ नंदकिशोर (शिशु रोग विशेषज्ञ)
तेज बुखार में ठंडे पानी से न पोछें शरीर, बक्सर चिल्ड्रन हॉस्पिटल, बाजार समिति रोड के नवजात एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नंदकिशोर सिंह ने माता-पिता को दी जरूरी सलाह


न्यूज़ विज़न। बक्सर
बरसात का मौसम शुरू होते ही बच्चों में वायरल फीवर समेत कई मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। मौसम में नमी, तापमान में उतार-चढ़ाव और दूषित पानी व भोजन के कारण छोटे बच्चों की सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसको लेकर बक्सर चिल्ड्रन हॉस्पिटल, बाजार समिति रोड के नवजात एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नंदकिशोर सिंह ने अभिभावकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
डॉ. नंदकिशोर सिंह ने बताया कि बरसात के मौसम में बच्चों में वायरल फीवर के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। ऐसे में माता-पिता को बच्चे के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखनी चाहिए और चिकित्सक द्वारा बताई गई दवाएं समय पर देनी चाहिए। यदि बच्चे का बुखार लगातार बढ़ रहा हो या सामान्य से अधिक तापमान बना हुआ हो तो लापरवाही नहीं करनी चाहिए और चिकित्सकीय परामर्श लेना जरूरी है।
तेज बुखार में ठंडे पानी का इस्तेमाल न करें
डॉ. सिंह ने अभिभावकों को विशेष रूप से सलाह देते हुए कहा कि तेज बुखार की स्थिति में कई बार माता-पिता घबराकर बच्चे के शरीर को फ्रिज के ठंडे पानी से पोछने लगते हैं। ऐसा करना नुकसानदेह हो सकता है। बुखार अधिक होने पर सामान्य एवं साफ पानी से शरीर को पोछा जा सकता है। वहीं, यदि बच्चे के शरीर में अधिक कंपन या ठंड लगने जैसी स्थिति हो तो चिकित्सकीय सलाह के अनुसार गुनगुने पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों में तेज बुखार के दौरान अपनी तरफ से कोई प्रयोग करने के बजाय डॉक्टर की सलाह को प्राथमिकता देना चाहिए। खासकर नवजात और छोटे बच्चों में बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज करना गंभीर समस्या पैदा कर सकता है।
बरसात में जौंडिस और मलेरिया का भी खतरा
शिशु रोग विशेषज्ञ ने बताया कि बरसात के मौसम में वायरल संक्रमण के साथ-साथ बच्चों में जौंडिस (पीलिया) और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में बच्चों के साथ-साथ माताओं को भी अपने खान-पान और पानी की शुद्धता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चे विशेष रूप से संक्रमण के प्रति संवेदनशील होते हैं। इसलिए घर में इस्तेमाल होने वाला पानी साफ और सुरक्षित होना चाहिए। भोजन भी ताजा एवं स्वच्छ हो, इसका विशेष ध्यान रखना चाहिए। बरसात के मौसम में दूषित पानी और अस्वच्छ भोजन से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
बच्चों की सेहत के लिए साफ-सफाई और सतर्कता जरूरी
डॉ. नंदकिशोर सिंह ने अभिभावकों से अपील की कि बरसात के मौसम में बच्चों को साफ-सुथरा रखें, पीने के पानी की शुद्धता सुनिश्चित करें और भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें। बच्चे को बुखार, अत्यधिक कमजोरी, लगातार उल्टी, कंपकंपी या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई देने पर बिना देर किए चिकित्सक से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि सावधानी, स्वच्छता और समय पर चिकित्सकीय सलाह से बरसात के मौसम में बच्चों को कई मौसमी बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सकता है। अभिभावकों को बुखार की स्थिति में घबराने के बजाय सही तरीके से बच्चे की देखभाल करनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए।





