जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी पर रक्तदान शिविर, 30 से अधिक लोगों ने किया स्वैच्छिक रक्तदान
मानवता और समाजसेवा का दिया संदेश, लगातार चौथे वर्ष डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम फाउंडेशन ने आयोजित किया रक्तदान शिविर


न्यूज़ विज़न। बक्सर
जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के मुबारक अवसर पर डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम फाउंडेशन के तत्वावधान में लगातार चौथे वर्ष रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। हजरत दादा दरिया साहब रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह परिसर में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और 30 से अधिक लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता, भाईचारे और समाजसेवा का संदेश दिया।
रक्तदान शिविर में रक्तदान करने पहुंचे लोगों का आयोजकों एवं उपस्थित सदस्यों द्वारा गर्मजोशी के साथ स्वागत और इस्तकबाल किया गया। ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर आयोजित इस सामाजिक पहल में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए जरूरतमंद मरीजों की मदद के लिए रक्तदान किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में चेयरमैन प्रतिनिधि नेमतुल्लाह फरीदी मौजूद रहे। उनके साथ राजेश यादव सहित कई गणमान्य अतिथियों, समाजसेवियों एवं स्थानीय लोगों की गरिमामयी उपस्थिति रही। अतिथियों ने रक्तदान करने वाले लोगों का उत्साहवर्धन करते हुए इस पहल की सराहना की।
कार्यक्रम के आयोजक मोहम्मद वक़ार कुरैशी ने कहा कि रक्तदान महज एक सामाजिक कार्य नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद की जिंदगी बचाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि ईद मिलादुन्नबी जैसे पवित्र अवसर पर रक्तदान शिविर का आयोजन कर समाज में सेवा, सद्भाव और मानवता का संदेश देने का प्रयास किया गया है। कार्यक्रम में साबित रोहतास्वी साहब जी, अफरोज आलम, ओम जी यादव, सोनू सुप्रिया, अमजद अली, एजाज अहमद उर्फ छोटे, रामजी सिंह, रेहान इदरीसी, परवेज कुरैशी, मोहम्मद नौसाद, मो. आसिफ, सोनू गोल्डन इदरीसी, राजन भाई एवं सद्दाम राइन सहित कई सम्मानित सदस्य एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
आयोजकों ने कहा कि रक्तदान किसी जरूरतमंद के लिए जीवनदान साबित हो सकता है, इसलिए स्वस्थ एवं सक्षम लोगों को समय-समय पर रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए। शिविर में लोगों की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि धार्मिक एवं सामाजिक अवसरों को मानव सेवा से जोड़कर समाज में भाईचारे और आपसी सौहार्द को और मजबूत किया जा सकता है। ईद मिलादुन्नबी के मौके पर आयोजित इस रक्तदान शिविर ने एक ओर जहां जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की, वहीं दूसरी ओर सेवा, सद्भाव, भाईचारे और इंसानियत का प्रेरक संदेश भी दिया।





