इटाढ़ी रेलवे गुमटी खोलने की मांग पर चौथे दिन भी जारी रहा अनिश्चितकालीन धरना, सांसद सुधाकर सिंह बोले- संसद में शून्यकाल में उठाऊंगा मुद्दा
धरना स्थल पर सांसद सुधाकर सिंह, कांग्रेस और राजद नेताओं ने दिया समर्थन, संघर्ष मोर्चा ने प्रशासन को चेताया- गुमटी नहीं खुली तो आंदोलन होगा और तेज


न्यूज़ विज़न। बक्सर
इटाढ़ी रेलवे गुमटी को पुनः खोलने की मांग को लेकर रविवार को चौथे दिन भी अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा। धरने की अध्यक्षता अति पिछड़ा स्वाभिमान संघर्ष मोर्चा के जिला संयोजक सरोज राजभर ने की, जबकि संचालन डॉ. अजीत कुशवाहा ने किया। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, सामाजिक कार्यकर्ता तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
धरना कार्यक्रम में बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह ने पहुंचकर आंदोलन को अपना नैतिक समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि इटाढ़ी रेलवे गुमटी का मामला वह पहले ही प्रधानमंत्री और रेल मंत्री के समक्ष उठा चुके हैं तथा रेल मंत्री को लिखित रूप से भी इस संबंध में अवगत कराया जा चुका है। सांसद ने भरोसा दिलाया कि यदि निकट भविष्य में लोकसभा का सत्र चलता है तो वह शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए रेलवे गुमटी को जनता के हित में खोलने की मांग करेंगे। धरना स्थल पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय भी अपने समर्थकों के साथ पहुंचे और आंदोलन को कांग्रेस पार्टी का समर्थन देने की घोषणा की। वहीं, राजद जिलाध्यक्ष शेषनाथ यादव ने भी इटाढ़ी रेलवे गुमटी को खोले जाने की मांग का समर्थन करते हुए आंदोलनकारियों के साथ एकजुटता व्यक्त की।
धरनारियों को संबोधित करते हुए संघर्ष मोर्चा के जिला संयोजक सरोज राजभर ने कहा कि रेलवे प्रशासन और जिला प्रशासन आम जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील नहीं हैं। उनका आरोप था कि रेलवे गुमटी बंद होने से हजारों लोगों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि श्रावण मास के दौरान जलाभिषेक के लिए आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। इसके अलावा छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, किसानों, व्यापारियों, महिलाओं, बुजुर्गों और आम नागरिकों को भी आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सरोज राजभर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संघर्ष मोर्चा जनता की इस लड़ाई को अंतिम दम तक लड़ता रहेगा और जब तक इटाढ़ी रेलवे गुमटी नहीं खोली जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अभी भी समय है कि जनता के हित में गुमटी खोलने का निर्णय लिया जाए, अन्यथा आंदोलन को और व्यापक एवं तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी रेलवे प्रशासन और जिला प्रशासन की होगी।
धरना कार्यक्रम में मुख्य रूप से जितेंद्र कुमार, अजीत कुमार, महिला नेत्री कृष्णावती देवी, जिला सह संयोजक दिनानाथ ठाकुर, विनोद कुशवाहा, जगनारायण सिंह, बीरबल पासवान, राम इकबाल ठाकुर, सूर्यकांति देवी, सुनीता कुशवाहा, सुनीता राजभर, कमलेश राव, रमन राजभर, ददन ठाकुर, मुन्ना ओझा, मनजी राजभर, लाल बाबू माली, गुड्डू शर्मा, लाल बिहारी पाल, मदन पाल सहित बड़ी संख्या में आंदोलनकारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। धरनास्थल पर वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि इटाढ़ी रेलवे गुमटी क्षेत्र की जीवनरेखा है और इसे बंद रखने से आम लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र समाधान निकालते हुए गुमटी को खोलने की मांग दोहराई।





