8 जून से शुरू होगा श्रीमद्भागवत महापुराण कथा एवं श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ
सिद्ध आश्रम धाम में तैयारियां अंतिम चरण में, 8 जून को निकलेगी भव्य जलभरी एवं कलश यात्रा


न्यूज़ विज़न। बक्सर
सर्वजन कल्याण सेवा समिति, सिद्ध आश्रम धाम बक्सर द्वारा आयोजित होने वाले 18वें श्रीमद्भागवत महापुराण कथा सह श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ की तैयारियों को लेकर गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अब तक की तैयारियों की समीक्षा की गई तथा आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए आवश्यक निर्णय लिए गए।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि 2 जून 2007 को सर्वजन कल्याण सेवा समिति की स्थापना हुई थी। स्थापना के समय पहली बैठक में सात लोगों ने भाग लिया था और कुल 11 सदस्यों की समिति का गठन किया गया था। वर्षों से धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों का संचालन कर रही समिति इस वर्ष अपना 18वां आयोजन करने जा रही है।
8 जून को निकलेगी भव्य कलश यात्रा
बैठक में तय किया गया कि 8 जून की सुबह 7 बजे शास्त्रानुसार भव्य जलभरी एवं कलश यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा की शुरुआत श्री रामेश्वर नाथ मंदिर, रामरेखा घाट से होगी और यह पीपरपाती रोड, मुनीम चौक, पुराना अस्पताल रोड, यमुना चौक एवं पुलिस चौकी होते हुए अपने गंतव्य स्थल श्री कैलाश मंडपम, रामेश्वर नाथ मंदिर परिसर पहुंचेगी, जहां विधिवत कलश स्थापना की जाएगी। समिति के अनुसार महिलाएं अपने हाथों में कलश लेकर तथा पुरुष श्रीमद्भागवत महापुराण को माथे पर धारण कर हरिनाम संकीर्तन करते हुए गाजे-बाजे के साथ यात्रा को भव्य स्वरूप प्रदान करेंगे।
पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होंगे श्रद्धालु
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि कलश यात्रा में शामिल होने वाली महिलाएं सनातन परंपरा के अनुरूप साड़ी धारण करेंगी, जबकि पुरुष भी शास्त्रसम्मत पारंपरिक वस्त्र पहनकर यात्रा में शामिल होंगे। समिति का मानना है कि इससे धार्मिक आयोजन की गरिमा और आध्यात्मिक वातावरण और अधिक बढ़ेगा।
संत सम्मेलन और कथा का होगा आयोजन
जलभरी यात्रा के उपरांत महायज्ञ की विधिवत शुरुआत होगी। आयोजन के तहत प्रतिदिन दोपहर बाद 3 बजे से संत सम्मेलन एवं विद्वत संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। इसके बाद सायं 4 बजे से श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का वाचन एवं प्रवचन होगा।
स्वेच्छा से ही स्वीकार होगा दान
बैठक में समिति के सदस्यों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि इस आयोजन के लिए किसी भी व्यक्ति से बाहर जाकर चंदा नहीं लिया जाएगा। मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालु अपनी श्रद्धा एवं स्वेच्छा से जो दान या सहयोग देंगे, उसे ही स्वीकार किया जाएगा।
एक-एक कदम पर अश्वमेध यज्ञ का पुण्य : शास्त्री जी
बैठक की अध्यक्षता कर रहे श्री शास्त्री जी (पौराणिक जी महाराज) ने कहा कि शास्त्रों के अनुसार जलभरी यात्रा में नियमपूर्वक एक कदम चलने पर एक अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य प्राप्त होता है। उन्होंने बक्सरवासियों से परिवार सहित अधिक से अधिक संख्या में कलश यात्रा में शामिल होने की अपील की, ताकि सभी इस पुण्य अवसर के भागीदार बन सकें।
सैकड़ों सदस्य रहे उपस्थित
बैठक में लक्ष्मण ओझा, अजय पांडे, अमित जी, मृत्युंजय दुबे, अनुराग पांडे, जगदीश जायसवाल, जयप्रकाश सिंह, छोटे उपाध्याय, सुरेंद्र तिवारी, गोपाल जी पांडे, वशिष्ट नारायण चौबे, विपुल चौबे, संतोष पांडे, नरसिंह मल्लाह सहित समिति के सैकड़ों सदस्य उपस्थित रहे।
धार्मिक उत्साह का माहौल
महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। समिति के सदस्यों का कहना है कि आयोजन की लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और बक्सर में एक बार फिर भक्ति, श्रद्धा एवं आध्यात्मिकता का विराट संगम देखने को मिलेगा।





