बक्सर में अकीदत के साथ निकला मुहर्रम का जुलूस, ‘या अली-या हुसैन’ की नारों से गूंजा शहर
त्याग, बलिदान और इंसानियत के संदेश के साथ शांतिपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ मुहर्रम, ताजिया जुलूस में उमड़ा जनसैलाब


न्यूज़ विज़न। बक्सर
हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मनाया जाने वाला त्याग, बलिदान, मातम और सच्चाई का पर्व मुहर्रम बक्सर जिले में पूरी श्रद्धा, अकीदत और शांतिपूर्ण माहौल के साथ सम्पन्न हुआ। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक “या अली… या हुसैन…” की सदाओं से वातावरण गुंजायमान रहा। मुहर्रम के अवसर पर निकले ताजिया जुलूस में मुस्लिम समुदाय के साथ-साथ विभिन्न धर्मों के लोगों की भी उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली, जिसने सामाजिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब की खूबसूरत मिसाल पेश की।
शहर के प्रमुख अखाड़ों से निकला भव्य ताजिया जुलूस
बक्सर शहर के सराय फाटक, दर्जी मोहल्ला, कोइरपुरवा, सोहनीपट्टी, मच्छरहट्टा पुल, गजाधरगंज, मुसाफिरगंज, नालबंद टोली सहित विभिन्न अखाड़ा कमेटियों द्वारा भव्य ताजिया जुलूस निकाला गया। रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक सजावट से सजे ताजियों ने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। जुलूस में शामिल युवाओं ने पारंपरिक लाठी-डंडा, आग के चक्र तथा अन्य हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन कर लोगों को रोमांचित कर दिया। जगह-जगह लोगों ने जुलूस का स्वागत किया और शांति एवं भाईचारे का संदेश दिया।
कर्बला की कुर्बानी को किया गया याद
मुहर्रम के अवसर पर मुस्लिम धर्मावलंबियों ने कर्बला की ऐतिहासिक घटना को याद करते हुए हजरत इमाम हुसैन की शहादत को श्रद्धापूर्वक नमन किया। मान्यता है कि कर्बला के मैदान में हजरत इमाम हुसैन ने अपने परिवार और साथियों के साथ शहादत स्वीकार कर ली, लेकिन अन्याय और असत्य के सामने कभी सिर नहीं झुकाया। इसी महान बलिदान की याद में जुलूस के दौरान कर्बला के मैदान-ए-जंग का दृश्य भी आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया।
ठठेरी बाजार से बक्सर होटल तक पहुंचा जुलूस
शहर की सभी अखाड़ा कमेटियां ठठेरी बाजार में एकत्रित हुईं। यहां से सामूहिक रूप से ताजिया जुलूस आगे बढ़ा और विभिन्न मार्गों से होते हुए बक्सर होटल के समीप पहुंचकर सम्पन्न हुआ। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं और दर्शकों की भारी भीड़ मौजूद रही।
चाक-चौबंद रही सुरक्षा व्यवस्था
मुहर्रम जुलूस को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। जुलूस के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। नगर थानाध्यक्ष मनोज कुमार सहित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी पूरे समय जुलूस के साथ मौजूद रहे और शांति व्यवस्था पर लगातार नजर बनाए रखी। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी, जिससे पूरा आयोजन बिना किसी व्यवधान के शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ।
सौहार्द और एकता का दिया संदेश
मुहर्रम का यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि त्याग, न्याय, सत्य और इंसानियत के लिए संघर्ष का संदेश भी देता है। बक्सर में विभिन्न समुदायों की सहभागिता ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जिले की पहचान आपसी भाईचारे, सामाजिक सौहार्द और सांप्रदायिक सद्भाव की संस्कृति से है।
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