OTHERS

आस्था के संग खिलवाड़! बक्सर के रामरेखा घाट पर बह रहा नाला और शौचालय का पानी, प्रशासन मौन

बैसाख पूर्णिमा से पहले बदहाल व्यवस्था, लाखों श्रद्धालुओं की आस्था पर संकट—नगर परिषद और प्रशासन पर उठे सवाल

न्यूज़ विज़न।  बक्सर 
धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध रामरेखा घाट एक बार फिर बदहाली की तस्वीर पेश कर रहा है। गुरुवार की शाम करीब 5 बजे का दृश्य बेहद चिंताजनक रहा, जब घाट के आसपास के नालों का गंदा पानी और आसपास के घरों के शौचालयों का अपशिष्ट सीधे घाट पर फैलता नजर आया। यह दूषित पानी बिना किसी रोक-टोक के सीधे गंगा नदी में मिल रहा है, जिससे न केवल पर्यावरण बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था भी आहत हो रही है।

 

एक ओर बक्सर नगर परिषद “स्वच्छ बक्सर” के नारे और प्रचार-प्रसार में व्यस्त है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत पूरी तरह इसके उलट दिखाई दे रही है। घाट पर फैली गंदगी और दुर्गंध प्रशासनिक दावों की पोल खोल रही है। स्थिति और भी गंभीर इसलिए है क्योंकि 1 मई को मनाई जाने वाली बैसाख पूर्णिमा के अवसर पर यहां लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। ऐसे में यदि व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो यह न केवल स्वास्थ्य के लिए खतरा बनेगा, बल्कि जिले की छवि पर भी गहरा असर डालेगा।

 

स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में इसको लेकर गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि हर साल बड़े आयोजनों से पहले सिर्फ कागजी तैयारी होती है, जबकि मूल समस्याओं को नजरअंदाज कर दिया जाता है। अब सवाल यह उठता है कि क्या जिला प्रशासन और नगर परिषद इस गंभीर समस्या को समय रहते दूर कर पाएंगे, या फिर एक बार फिर श्रद्धालुओं को गंदगी और बदइंतजामी का सामना करना पड़ेगा?

वीडियो देखें :

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button