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33 हजार वोल्ट का कहर: एक और मौत… क्या प्रशासन को और लाशों का है इंतज़ार?

आदर्श नगर में दर्दनाक हादसा, छत पर कपड़े सुखाने गई महिला बनी हाई वोल्टेज तार की शिकार — वर्षों से खतरा बरकरार, फिर भी खामोश सिस्टम

न्यूज़ विज़न।  बक्सर 
शहर के आदर्श नगर में रविवार को एक बार फिर 33 हजार वोल्ट बिजली लाइन ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। पिंकी देवी (33) की दर्दनाक मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है, लेकिन बड़ा सवाल वही है—क्या प्रशासन अब भी जागेगा या अगली मौत का इंतज़ार करेगा?

 

बताया जाता है कि पिंकी देवी, जो दो मासूम बच्चों की मां थीं, दोपहर में कपड़े सुखाने के लिए छत पर गई थीं। इसी दौरान छत के ऊपर से गुजर रहे 33 हजार वोल्ट के तार की चपेट में आकर वह बुरी तरह झुलस गईं। आनन-फानन में परिजन उन्हें सदर अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पति राजू कुमार, जो ठेला लगाकर परिवार का पेट पालते हैं, अब टूट चुके हैं। घर में कोहराम मचा है और दो बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया है। घटना के बाद टाउन थाना पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और फिर परिजनों को सौंप दिया गया। लेकिन इस औपचारिक कार्रवाई से लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ।

 

स्थानीय लोगों का फूटा गुस्सा:
मोहल्ले के लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। शहर के कई इलाकों—चरित्रवन टीचर कॉलोनी, धोबी घाट, डीएवी स्कूल के पास, चीनी मिल मोहल्ला—में ये हाई वोल्टेज तार लगातार जानलेवा साबित हो रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में आधा दर्जन से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

मुआवजा मिला, समाधान नहीं:
बिजली विभाग हर घटना के बाद मुआवजा देकर मामले को ठंडा कर देता है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। सवाल उठता है—क्या इंसानी जान की कीमत सिर्फ मुआवजा है?

जनप्रतिनिधियों की भी अनसुनी:
वार्ड 21 की पार्षद अंजू सिंह ने इस खतरनाक लाइन को हटाने के लिए डीएम को ज्ञापन भी सौंपा था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। पार्षद प्रतिनिधि मिथिलेश कुमार के अनुसार, जनवरी 2023 में भी एक कमलेश कुशवाहा का 12 वर्षीय बच्चा इसी तार की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया था। वही वेद उपाध्याय की छः वर्षीय पुत्री भी गंभीर रूप से घायल हुयी थी जिसका बाह काटना पड़ा था। बीते 21 फ़रवरी को अश्वनी कुमार पांडेय के 22 वर्षीय पुत्र भी कलेक्ट्रेट तालाब के समीप 33 हजार की चपेट में आ गया था जिसका बक्सर सदर अस्पताल से रेफर कर दिया गया था जिसके पश्चात् लगभग दस दिनों तक इलाज के बाद मौत हो गयी थी। इसके अलावा अशोक सिंह कुशवाहा के मकान निर्माण के दौरान राज मिस्त्री भी बुरी तरह घायल हुआ था।

बड़ा सवाल:
लगातार हो रही मौतों और हादसों के बावजूद बिजली विभाग और प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। क्या जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़े आंदोलन या और दर्दनाक हादसे का इंतजार कर रहे हैं? अब देखना यह है कि पिंकी देवी की मौत के बाद सिस्टम जागता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा—और 33 हजार वोल्ट का यह ‘मौत का तार’ यूं ही लोगों की जान लेता रहेगा।

पार्षद प्रतिनिधि मिथिलेश कुमार ने कहा की इस सम्बन्ध में बिजली विभाग से कई बार इस सम्बन्ध में शिकायत दर्ज किये। इसके साथ ही मिथिलेश कुमार ने तत्कालीन डीएम अंशुल अग्रवाल से मिलकर भी इस सम्बन्ध में बिजली के 33 हजार वोल्ट तार हटाने की मांग किए थे।  लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुयी। उन्होंने नगर परिषद् चेयरमैन के समक्ष भी इस समस्या को रखा है।  वही उन्होंने बताया की यह खतरनाक तार कलेक्ट्रेट परिसर और व्यवहार न्यायालय परिसर से भी होकर गुजरता है।  उन्होंने प्रशासन से मांग किया की इस तार को जज कॉलोनी की नयी सड़क किनारे से शिफ्ट कर दिया जायेगा तो मोहल्ले के लोग चैन की नींद सो सकेंगे।

चरित्रवन वीर कुंवर सिंह कालोनी में लगभग चार वर्ष पूर्व कोइरपुरवा निवासी एक बिजली मिस्त्री की मौत हुयी थी वही छः माह पूर्व घर का निर्माण में के दौरान सिमरी निवासी राजमिस्त्री की मौत हुयी थी।

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