रंगदारी नहीं देने पर युवक पर जानलेवा हमला, हवाई फायरिंग का आरोप; बबली दुबे समेत नौ पर नामजद एफआईआर दर्ज
शिवपुरी बुधनपुरवा निवासी युवक ने बबली दुबे समेत नौ लोगों पर एक लाख रुपये प्रतिमाह रंगदारी मांगने, रायफल के बट से हमला करने और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देने का लगाया आरोप, पुलिस जांच में जुटी


न्यूज़ विज़न। बक्सर
नगर थाना क्षेत्र के शिवपुरी बुधनपुरवा मोहल्ले में रंगदारी नहीं देने पर एक युवक पर जानलेवा हमला, हवाई फायरिंग और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित युवक की शिकायत पर नगर थाना में बबली दुबे समेत नौ लोगों के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
पीड़ित युवक द्वारा दर्ज कराए गए आवेदन के अनुसार, बीते 05 जुलाई की रात वह अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में बबली दुबे समेत अन्य आरोपितों ने उसे रोक लिया और गाली-गलौज करने लगे। जब उसने इसका विरोध किया तो सभी आरोपित कथित रूप से आक्रामक हो गए और रायफल के बट से उस पर हमला कर दिया। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि हमलावरों ने युवक को जमीन पर पटककर बेरहमी से मारपीट की, जिससे उसके हाथ, पसली और पैर में गंभीर चोटें आईं। मारपीट के दौरान वह बेहोश हो गया। पीड़ित का यह भी आरोप है कि घटना के दौरान आरोपितों ने दहशत फैलाने के उद्देश्य से हवाई फायरिंग की।
एफआईआर के अनुसार, आरोपितों ने पीड़ित के पिता और भाई से एक लाख रुपये प्रतिमाह रंगदारी की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि रंगदारी नहीं दी गई या पुलिस में शिकायत की गई तो पूरे परिवार की हत्या कर दी जाएगी। इस मामले में पीड़ित ने बबली दुबे, हनुमन दुबे, रोहित दुबे, प्रकाश दुबे, मनमोहन चौबे, विकास चौबे, विवेक मिश्र, ओम मिश्र एवं शिंकु कुमार को नामजद आरोपित बनाया है। हमले में गंभीर रूप से घायल युवक का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है।
इधर, नगर थानाध्यक्ष मनोज सिंह ने बताया कि पीड़ित का आवेदन प्राप्त होने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
नोट: यह खबर पीड़ित द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर और पुलिस के प्रारंभिक बयान पर आधारित है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।





