करमा मारपीट मामले में निष्पक्ष जांच की मांग, सोशल मीडिया पर खरवार समाज के खिलाफ आपत्तिजनक वीडियो पर कार्रवाई की उठी आवाज
युवा खरवार महासभा, बिहार ने जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक से दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की, समाज से शांति एवं कानून का पालन करने की अपील


न्यूज़ विज़न। बक्सर
जिले के धनसोई थाना क्षेत्र अंतर्गत करमा गांव में हुई मारपीट की घटना तथा उसके बाद सोशल मीडिया पर खरवार समाज के विरुद्ध प्रसारित किए जा रहे कथित आपत्तिजनक वीडियो को लेकर युवा खरवार महासभा, बिहार ने जिला प्रशासन से त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
महासभा के प्रदेश अध्यक्ष राजेश खरवार ने जारी बयान में कहा कि करमा गांव में हुई मारपीट की घटना की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शीघ्र जांच कर दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि पीड़ित पक्ष को न्याय मिल सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने कहा कि घटना के बाद सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर कुछ लोगों द्वारा ऐसे वीडियो साझा किए जा रहे हैं, जिनमें पूरे खरवार समाज के विरुद्ध कथित रूप से आपत्तिजनक, भड़काऊ एवं अपमानजनक टिप्पणियां की जा रही हैं। किसी व्यक्तिगत विवाद को पूरे समाज से जोड़कर उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाना सामाजिक सौहार्द एवं आपसी भाईचारे के लिए गंभीर चुनौती है और इसे किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
युवा खरवार महासभा, बिहार ने बक्सर के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक तथा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे ऐसे वीडियो की गंभीरता से जांच कराई जाए। यदि जांच में किसी समुदाय के विरुद्ध घृणा फैलाने, सामाजिक वैमनस्य उत्पन्न करने अथवा अन्य किसी प्रकार से कानून का उल्लंघन करने के तथ्य सामने आते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। महासभा ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि खरवार समाज भारतीय संविधान, कानून एवं न्याय व्यवस्था में पूर्ण विश्वास रखता है। संगठन ने समाज के सभी लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के उकसावे या अफवाह में न आएं, शांति, संयम एवं सामाजिक सद्भाव बनाए रखें तथा किसी भी विवाद का समाधान केवल संवैधानिक एवं कानूनी माध्यम से ही करें।
अंत में युवा खरवार महासभा, बिहार ने उम्मीद जताई कि बक्सर जिला प्रशासन इस पूरे मामले का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष कार्रवाई करेगा तथा जिले में सामाजिक सौहार्द, शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।





