दिवंगत अधिवक्ता कृष्ण बिहारी मिश्रा की पुण्यतिथि पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि समारोह आयोजित
नये बार भवन में जिला अधिवक्ता संघ के तत्वाधान में कार्यक्रम, वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने याद किए उनके योगदान


न्यूज़ विज़न। बक्सर
दिवंगत वरिष्ठ अधिवक्ता कृष्ण बिहारी मिश्रा की पुण्यतिथि बुधवार को नये बार भवन में जिला अधिवक्ता संघ, बक्सर के तत्वाधान में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष बबन ओझा ने की, जबकि मंच संचालन संघ के सचिव विन्देश्वर पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय ने किया।
लंबे समय तक व्यवहार न्यायालय में दिया अतुलनीय योगदान : बबन ओझा
कार्यक्रम की शुरुआत दिवंगत अधिवक्ता के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। उपस्थित अधिवक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व, कृतित्व और न्यायिक क्षेत्र में दिए गए योगदान को स्मरण किया। इस अवसर पर अध्यक्ष बबन ओझा ने कहा कि अधिवक्ता कृष्ण बिहारी मिश्रा ने अपने कार्यकाल में लंबे समय तक व्यवहार न्यायालय में उत्कृष्ट सेवाएं दीं और असंख्य लोगों को न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि मिश्रा जी का योगदान विशेष रूप से सिविल मामलों में उल्लेखनीय रहा। वे न केवल विद्वान अधिवक्ता थे, बल्कि अपने आचरण और व्यवहार से युवा अधिवक्ताओं का मार्गदर्शन करने वाले एक आदर्श गुरु भी थे। उन्होंने कहा, “अच्छे गुरु के शिष्य भी अच्छे होते हैं।”
1963 से 2022 तक का गौरवशाली अधिवक्ता जीवन : सचिव
संघ के सचिव विन्देश्वर पांडेय ने अपने संबोधन में बताया कि कृष्ण बिहारी मिश्रा ने 1963 में आरा सिविल कोर्ट से वकालत की शुरुआत की थी। इसके बाद 1972 से बक्सर में अपनी प्रैक्टिस प्रारंभ की, जो निरंतर 2022 तक चलती रही। यह उनका न्यायिक क्षेत्र में लगभग छह दशकों का समर्पित सफर रहा। गोविन्द मिश्रा ने कहा कि कृष्ण बिहारी मिश्रा शाहाबाद क्षेत्र में सिविल केस मामलों के एक मजबूत स्तंभ के रूप में जाने जाते थे। उनके अनुभव और कानूनी समझ का लाभ पूरे क्षेत्र के अधिवक्ताओं और वादकारियों को मिला।
50 वर्ष की प्रैक्टिस पर मिला था राजगीर में सम्मान
इस मौके पर उनके सुपुत्र विनोद मिश्रा ने बताया कि 50 वर्ष की वकालत पूर्ण करने के उपलक्ष्य में बक्सर से एकमात्र अधिवक्ता के रूप में कृष्ण बिहारी मिश्रा को राजगीर में आयोजित बिहार राज्य अधिवक्ता सम्मेलन में पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीश द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया था, जो उनके जीवन की एक बड़ी उपलब्धि रही। बताया गया कि दिवंगत अधिवक्ता के सुपुत्र गोविन्द मिश्रा और विनोद मिश्रा वकालत पेशे में हैं, जबकि भूपेंद्र मिश्रा सासाराम में पेशकार के पद पर कार्यरत हैं और पप्पू मिश्रा शिक्षक के रूप में शिक्षा जगत में योगदान दे रहे हैं।
अधिवक्ता संघ के प्रति जताया आभार
कार्यक्रम में मिश्रा जी के सुपुत्रों ने सभी अतिथियों का अभिवादन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की और संघ के प्रति विनीत भाव से कृतज्ञता प्रकट की। इस श्रद्धांजलि सभा में प्रमुख रूप से रामकृष्ण चौबे, मथुरा चौबे, लाला ओझा, तारकेश्वर मिश्रा, गुड्डू पांडेय, रमाकांत तिवारी, श्याम नारायण चौबे, रामाश्रय सिंह, श्रीमन नारायण ओझा, उमेश सिंह सहित बड़ी संख्या में अधिवक्तागण उपस्थित रहे।





