जनता पर महंगाई का बोझ डाल विदेश यात्राओं में व्यस्त है केंद्र सरकार : बजरंगी मिश्रा
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर जनसुराज पार्टी के जिला अध्यक्ष बजरंगी मिश्रा ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना, कहा- महंगाई से हर वर्ग परेशान


न्यूज़ विज़न। बक्सर
जनसुराज पार्टी के बक्सर जिला अध्यक्ष बजरंगी मिश्रा ने सोमवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पेट्रोल ₹2.61 और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा कर दिया गया है। पिछले दस दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में करीब ₹7.50 तक की वृद्धि हो चुकी है, जिससे आम जनता की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
उन्होंने कहा कि बिहार में पेट्रोल की कीमत ₹114.70 प्रति लीटर और डीजल ₹100.63 प्रति लीटर तक पहुंच गई है। ऐसे में मध्यम वर्ग, किसान, मजदूर और छोटे व्यवसायियों पर महंगाई का सीधा असर पड़ रहा है। बजरंगी मिश्रा ने आरोप लगाया कि हाल ही में पांच राज्यों में हुए चुनाव के दौरान भारी खर्च किया गया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल चुनाव में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के कई दौरों तथा बड़े पैमाने पर विज्ञापनों पर खर्च के बाद पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी शुरू हुई। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi की 15 मई से 20 मई 2026 तक हुई पांच देशों — संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली — की यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि विदेश दौरों से लौटने के बाद फिर से ईंधन की कीमतों में वृद्धि कर दी गई। इससे यह स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार जनता पर महंगाई का बोझ डाल रही है।
जनसुराज नेता ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका सीधा प्रभाव राशन, सब्जी, दूध, खेती, परिवहन और रोजमर्रा की सभी आवश्यक वस्तुओं पर पड़ता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब रूस और ईरान जैसे देश सस्ता तेल उपलब्ध कराने को तैयार हैं, तब भारत की जनता को महंगा तेल क्यों खरीदना पड़ रहा है। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से यह भी पूछा कि देश में तेल और गैस का कितना भंडार बचा है और आने वाले दिनों में महंगाई को लेकर सरकार की क्या तैयारी है। बजरंगी मिश्रा ने कहा कि केंद्र सरकार को देश की जनता के सामने पारदर्शिता के साथ स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता को वास्तविक स्थिति से अनजान रखकर सरकार केवल राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय छवि सुधारने में लगी हुई है, जबकि आम लोग लगातार महंगाई की मार झेल रहे हैं।





