शहीद मोहम्मद असलम को रोटरी वीर सैनिक सम्मान, पत्नी जुबैदा खातून का हुआ भावुक सम्मान समारोह
रोटरी क्लब ऑफ बक्सर व मानवाधिकार संगठन ने शहीद परिवार को किया सम्मानित, हेल्थ कार्ड और शहीद स्मारक निर्माण की पहल पर हुई चर्चा


न्यूज़ विज़न। बक्सर
रोटरी क्लब ऑफ बक्सर एवं मानवाधिकार संगठन के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को केसठ गांव स्थित शहीद मोहम्मद असलम के आवास पर पहुंचकर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती जुबैदा खातून से मुलाकात की। इस दौरान शहीद वीर सपूत के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए उन्हें मरणोपरांत “रोटरी वीर सैनिक सम्मान” से सम्मानित किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने श्रीमती जुबैदा खातून को शॉल, सम्मान राशि एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर परिवार के प्रति सम्मान और संवेदना व्यक्त की।
शहीदों का सम्मान समाज का नैतिक दायित्व : डॉ. दिलशाद आलम
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रोटरी क्लब ऑफ बक्सर के अध्यक्ष डॉ. दिलशाद आलम ने कहा कि देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों का बलिदान अमूल्य है और उनके परिवारों का सम्मान करना पूरे समाज की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने श्रीमती जुबैदा खातून को नारी शक्ति की सशक्त मिसाल बताते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में तीन बच्चों का साहसपूर्वक पालन-पोषण कर उन्होंने समाज के सामने प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
भावुक हुआ माहौल, छलक पड़े आंसू
मुलाकात के दौरान उस समय माहौल भावुक हो गया जब शहीद मोहम्मद असलम की यादों को साझा करते हुए श्रीमती जुबैदा खातून की आंखें नम हो गईं। इस दौरान डॉ. दिलशाद आलम ने उन्हें “अम्मा” कहकर सांत्वना दी और परिवार को हर संभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया। उपस्थित सभी लोगों ने शहीद के अद्वितीय साहस और बलिदान को श्रद्धापूर्वक याद किया।
हेल्थ कार्ड और शहीद स्मारक निर्माण की पहल
प्रतिनिधिमंडल ने शहीद परिवार के स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराने हेतु संबंधित सैनिक संस्थानों एवं अधिकारियों से बातचीत करने का निर्णय लिया। इसके साथ ही शहीद मोहम्मद असलम की स्मृतियों को सदैव जीवित रखने के उद्देश्य से उनके नाम पर शहीद स्मारक निर्माण के प्रस्ताव पर भी गंभीरता से चर्चा की गई।
इस अवसर पर रोटरी क्लब ऑफ बक्सर के सचिव एस. एम. साहिल, रोटरैक्ट सदस्य राहुल कुमार, मनीष पांडेय, सुहैब अली सहित संगठन के कई गणमान्य सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने शहीद मोहम्मद असलम के सर्वोच्च बलिदान को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके परिवार के प्रति सम्मान, संवेदना और हरसंभव सहयोग का संकल्प दोहराया। यह आयोजन न केवल शहीद के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक बना, बल्कि समाज में देशभक्ति, सेवा और सम्मान की भावना को भी नई ऊर्जा प्रदान कर गया।





