OTHERS

कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को नमन, साबित खिदमत फाउंडेशन ने लगाए 11 पौधे

कवलदह पोखरा स्थित शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर वीर जवानों को दी श्रद्धांजलि, पर्यावरण संरक्षण और शहीदों के आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प

न्यूज़ विज़न।  बक्सर 
कारगिल विजय दिवस के अवसर पर रविवार को साबित खिदमत फाउंडेशन, बक्सर की ओर से कवलदह पोखरा स्थित शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान संस्था के सदस्यों ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में शहीदों की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के उद्देश्य से 11 पौधों का पौधारोपण किया गया तथा उनके संरक्षण का सामूहिक संकल्प भी लिया गया।

 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्था के संस्थापक डॉ. दिलशाद आलम ने कहा कि कारगिल युद्ध में भारतीय सेना के वीर जवानों ने अदम्य साहस, पराक्रम और देशभक्ति का परिचय देते हुए मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे वीर सपूतों का बलिदान भारतवर्ष कभी नहीं भुला सकता। उनका त्याग और समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। उन्होंने कहा कि हमारे वीर शहीद अमर हैं और राष्ट्र उनके ऋण से कभी उऋण नहीं हो सकता। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान संस्था के सदस्यों ने शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर देश के अमर वीर जवानों को नमन किया। साथ ही देश की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद मोहम्मद असलम को भी श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके योगदान को याद किया गया।

 

कार्यक्रम में देशभक्ति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी प्रमुखता से दिया गया। संस्था के सदस्यों ने पौधारोपण के माध्यम से यह संदेश दिया कि शहीदों की स्मृति में लगाया गया प्रत्येक पौधा राष्ट्रप्रेम, सेवा और प्रकृति संरक्षण का प्रतीक बनेगा। सभी ने पौधों की नियमित देखभाल करने तथा समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर संस्था के संस्थापक डॉ. दिलशाद आलम, महताब अली, राहुल गुप्ता, नज़बुन निशा, रवि कुमार, साबित रोहतासवी, ब्रजेश सिंह, डॉ. मनीष कुमार (आरएमओ) सहित संस्था के अन्य सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन देशभक्ति, पर्यावरण संरक्षण तथा शहीदों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button