कारगिल के अमर शहीदों को फाउंडेशन स्कूल, बक्सर ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि, वीर सैनिकों और वीर नारियों के सम्मान से गूंजा परिसर
विद्यार्थियों की जीवंत नाट्य प्रस्तुतियों ने मंच पर दोहराई कारगिल की वीरगाथा, डीडीसी निहारिका ने कहा— हमारी सेना का सम्मान ही राष्ट्र का सम्मान है


न्यूज़ विज़न। बक्सर
कारगिल विजय दिवस के अवसर पर रविवार को फाउंडेशन स्कूल, बक्सर का सभागार राष्ट्रभक्ति, शौर्य और बलिदान की भावना से ओत-प्रोत हो उठा। विद्यालय परिसर में आयोजित समारोह अत्यंत गरिमामय और भावनात्मक वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने अपनी उत्कृष्ट सांस्कृतिक एवं नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से कारगिल युद्ध के अमर शहीदों की वीरगाथाओं को सजीव कर दिया। कार्यक्रम में कारगिल युद्ध से जुड़े सेवानिवृत्त सैनिकों, वीर नारियों एवं शहीदों के परिजनों की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक प्रेरणादायी बना दिया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने कारगिल युद्ध की महत्वपूर्ण घटनाओं पर आधारित नाटकों का मंचन किया। टोलोलिंग पहाड़ी को दुश्मनों से मुक्त कराने की साहसिक गाथा तथा एक साधारण किसान परिवार के बेटे के सेना में उच्च पद तक पहुँचने और मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने की मार्मिक प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों को भावुक कर दिया। कई दर्शकों की आँखें नम हो गईं और पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। समारोह की मुख्य अतिथि उप विकास आयुक्त (डीडीसी) बक्सर श्रीमती निहारिका ने वीर नारियों एवं शहीद सैनिकों के परिजनों को सम्मानित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कश्मीर प्रवास के दौरान भारतीय सैनिकों के साथ बिताए अनुभव साझा करते हुए कहा कि “हमारी सेना का सम्मान ही राष्ट्र का सम्मान है। आज हम सभी सुरक्षित हैं क्योंकि हमारे सैनिक सीमाओं पर दिन-रात राष्ट्र की रक्षा में तत्पर हैं।” उन्होंने विद्यालय द्वारा विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति और संस्कारों के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि देश का भविष्य ऐसे ही जागरूक और संस्कारवान विद्यार्थियों के हाथों में सुरक्षित है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य मनोज कुमार त्रिगुण ने अपने संबोधन में कहा कि कारगिल विजय दिवस जैसे आयोजनों का उद्देश्य केवल औपचारिकता निभाना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, त्याग, साहस, सेवा और टीम भावना जैसे मूल्यों का विकास करना है। उन्होंने कहा कि विद्यालय का प्रयास है कि विद्यार्थी देश के वीर सपूतों के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझें। उन्होंने उपस्थित सभी वीर सैनिकों एवं वीर नारियों के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि वास्तविक वीर योद्धाओं का सान्निध्य विद्यार्थियों को जीवन के ऐसे मूल्य सिखाता है, जो किसी पुस्तक में नहीं मिलते। इस अवसर पर बक्सर एक्स आर्मी एसोसिएशन के सभापति विद्यासागर चौबे, एनसीसी के अधिकारीगण तथा अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। विद्यालय परिवार की ओर से सभी सेवानिवृत्त सैनिकों एवं वीर नारियों को सम्मानित किया गया तथा कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को सामूहिक श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर विद्यालय के विशेष आमंत्रित अतिथि दक्ष दत्त मिश्रा ने आयोजन की सफलता पर विद्यालय परिवार, सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं, विद्यार्थियों, वीर सैनिकों एवं वीर नारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम और देशभक्ति की भावना को सुदृढ़ करते हैं तथा उन्हें भारत के गौरवशाली इतिहास और शहीदों के अद्वितीय बलिदान से परिचित कराते हैं। कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. एस. के. दुबे, अनिल ओझा, अजय तिवारी, संजीव सिंह, राजीव पाठक, सरोज सिंह, विनय पाठक, अभिनंदन मौर्य, पंचानंद, शाहीन, अनुपमा पाठक, सोनी भारती, वंदना, एस. जे. दुबे सहित विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों की सक्रिय भूमिका रही। पूरे आयोजन ने उपस्थित लोगों के मन में राष्ट्रप्रेम, शौर्य और बलिदान की भावना को और अधिक प्रगाढ़ कर दिया।
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