नेपाल बाढ़ पीड़ितों की मदद को आगे आए बक्सर के सामाजिक संगठन
साबित खिदमत फाउंडेशन, ह्यूमन राइट्स एंड सोशल जस्टिस और रोटरी बक्सर ने संयुक्त रूप से नेपाल फ्लड रिलीफ फंड में दिया सहयोग, डॉ. दिलशाद आलम ने कहा- आपदा की घड़ी में मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म


न्यूज़ विज़न। बक्सर
पिछले पखवाड़े नेपाल तथा बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों में आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए बक्सर की तीन सामाजिक संस्थाओं ने मानवीय पहल की है। साबित खिदमत फाउंडेशन, चीनीमिल, बक्सर, ह्यूमन राइट्स एंड सोशल जस्टिस, बक्सर एवं रोटरी बक्सर की ओर से संयुक्त रूप से नेपाल फ्लड रिलीफ फंड में सहायता राशि प्रदान की गई।
संस्था के सदस्यों ने बताया कि भीषण बाढ़ के कारण नेपाल सहित बिहार के कई सीमावर्ती क्षेत्रों में जनजीवन गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। बड़ी संख्या में परिवारों के सामने भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयों, कपड़ों और सुरक्षित आश्रय की समस्या उत्पन्न हो गई है। ऐसे कठिन समय में पीड़ित परिवारों तक राहत पहुंचाने के उद्देश्य से तीनों संस्थाओं के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार सहयोग राशि एकत्रित कर राहत कार्य में योगदान दिया।
साबित खिदमत फाउंडेशन के निदेशक, ह्यूमन राइट्स एंड सोशल जस्टिस बिहार के प्रदेश महासचिव एवं रोटरी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. सैयद दिलशाद आलम कादरी ने कहा कि प्राकृतिक आपदा किसी सीमा या समुदाय को नहीं देखती। संकट की इस घड़ी में नेपाल के बाढ़ पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा होना मानवीय दायित्व है। उन्होंने कहा कि संस्थाओं की ओर से दी गई सहायता राशि पीड़ितों की कठिनाइयों को कम करने की दिशा में एक छोटा-सा प्रयास है। डॉ. दिलशाद आलम ने सामाजिक, धार्मिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ-साथ सक्षम नागरिकों से भी आगे आकर बाढ़ राहत कार्यों में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही बाढ़ प्रभावित परिवारों को इस गंभीर संकट से उबरने और दोबारा सामान्य जीवन की ओर लौटने में मदद मिल सकेगी। तीनों संस्थाओं ने नेपाल के बाढ़ प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उनके शीघ्र पुनर्वास, सुरक्षा और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।





