पिता की पांचवीं पुण्यतिथि पर रंजन राय की अनूठी पहल, रक्तदान शिविर लगाकर बचाई जिंदगी की उम्मीद
दो दर्जन से अधिक लोगों ने किया स्वैच्छिक रक्तदान, दलित बस्तियों में बांटी दीपावली की मिठाइयां और कंबल; सेवा और मानवता के संदेश के साथ मनाई दीपावली

न्यूज़ विज़न। बक्सर
दीपावली का पर्व केवल दीप जलाने और खुशियां मनाने का ही नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के जीवन में खुशियों का उजाला फैलाने का भी अवसर है। इसी मानवीय सोच को धरातल पर उतारते हुए रविवार को सामाजिक कार्यकर्ता, बी वैरियर के संयोजक एवं पूर्व सीआरपीएफ जवान रंजन राय ने सराहनीय पहल की। उन्होंने अपने पिता एवं बी वैरियर ग्रुप के संस्थापक, पूर्व सरपंच स्वर्गीय अक्षयवरनाथ राय की पांचवीं पुण्यतिथि को सामाजिक सेवा और मानवता के नाम समर्पित किया।
इस अवसर पर मां मुंडेश्वरी चिल्ड्रन हॉस्पिटल परिसर स्थित मां तपेश्वरी देवी ब्लड सेंटर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में दो दर्जन से अधिक लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों की जिंदगी बचाने का संकल्प लिया। रक्तदाताओं ने इस पहल में उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाते हुए समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का परिचय दिया। इस मौके पर रंजन राय ने कहा कि रक्तदान महादान है। एक व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान तीन लोगों की जान बचाने में सहायक हो सकता है। जरूरतमंद मरीजों को सही समय पर रक्त उपलब्ध कराना सबसे बड़ा मानवीय कार्य है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे रक्तदान को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी समझें और इस पुनीत कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।
वहीं, मां मुंडेश्वरी हॉस्पिटल एवं ब्लड बैंक के निदेशक डॉ. मेजर पीके पांडेय ने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने रंजन राय की सामाजिक सोच और सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। नियमित रक्तदान से जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। रक्तदान शिविर के साथ ही रंजन राय ने दलित बस्तियों में पहुंचकर जरूरतमंद परिवारों के बीच दीपावली की मिठाइयां और कंबल वितरित किए। इस दौरान उन्होंने वंचित परिवारों के साथ पर्व की खुशियां साझा करते हुए उनके जीवन में भी दीपावली का उजाला पहुंचाने का प्रयास किया।
पिता की पांचवीं पुण्यतिथि पर आयोजित यह कार्यक्रम स्वर्गीय अक्षयवरनाथ राय के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि साबित हुआ। रक्तदान, जरूरतमंदों की मदद और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से रंजन राय ने संदेश दिया कि त्योहारों की असली खुशी तभी है, जब समाज का हर वर्ग उसमें सहभागी बने। उनकी इस पहल ने दीपावली को सेवा, समर्पण और मानवता के पर्व के रूप में मनाने की प्रेरणा दी।




