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सोखाधाम और सतीधाम के विकास की पहल तेज, रामायण परिपथ से जोड़ने की उठी मांग

कड़सर स्थित सोखधाम मंदिर परिसर में हुई विशेष बैठक, विकास के लिए ट्रस्ट गठन की प्रक्रिया शुरू; बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग से पत्राचार करने पर बनी सहमति

न्यूज़ विज़न।  बक्सर 
जिले के कड़सर स्थित लोक आस्था के प्रमुख केंद्र सोखधाम मंदिर परिसर में आज सोखधाम और सतीधाम के विकास को लेकर एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ सोखधाम एवं सतीधाम से जुड़े श्रद्धालुओं, समाजसेवियों और क्षेत्र के प्रबुद्ध लोगों ने भाग लिया। इस दौरान दोनों धार्मिक स्थलों के ऐतिहासिक, पौराणिक और सांस्कृतिक महत्व को संरक्षित करने के साथ-साथ इनके समुचित विकास पर विस्तार से चर्चा की गई।

 

बैठक में विशेष रूप से लोधास निवासी अधिवक्ता राकेश कुमार सिंह की पहल की सराहना की गई। राकेश कुमार सिंह लंबे समय से सोखधाम एवं सतीधाम के प्रति आस्थावान रहे हैं। वे इन लोकपूजित देवस्थलों से जुड़े पौराणिक विवरणों, मान्यताओं और लोककथाओं को एकत्रित करने में जुटे हैं। साथ ही, उन्होंने इन स्थलों के व्यवस्थित विकास, संरक्षण और जनसहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक ट्रस्ट पंजीकृत कराने की प्रक्रिया भी शुरू की है।

 

बैठक की अध्यक्षता भोजपुरी साहित्य मंडल के महासचिव डॉ. वैरागी प्रभाष चतुर्वेदी ने की। उन्होंने सोखाधाम की धार्मिक और सामाजिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सोखा सुख के देवता हैं। वे कृषक जीवन की पीड़ा को हरने वाले लोकदेवता के रूप में पूजे जाते हैं। लोक चेतना में उन्हें रोग मुक्ति और मनोवांछित इच्छाओं की पूर्ति करने वाले देवता के रूप में विशेष स्थान प्राप्त है। सोखा बाबा के चमत्कारों से लोकजीवन परिचित है और उनकी महिमा से जुड़ी हजारों कथाएं आज भी जनमानस और लोककंठ में विद्यमान हैं।

बैठक में सोखधाम एवं सतीधाम को व्यापक पहचान दिलाने के लिए महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया। इसमें बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग से पत्राचार कर इन धार्मिक स्थलों के ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व से अवगत कराने तथा इन्हें रामायण परिपथ से जोड़कर बिहार के पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की मांग उठाने पर चर्चा हुई। लोगों का मानना था कि सरकारी स्तर पर पहल होने से इन स्थलों का संरक्षण, सौंदर्यीकरण और आधारभूत सुविधाओं का विकास संभव हो सकेगा।

इस अवसर पर मिहिर तिवारी, पुरुषोत्तम सिंह, ओम प्रकाश मिश्रा, सुनील कुमार सिंह एवं विजय शंकर तिवारी सहित कई श्रद्धालु और समाज के शुभचिंतक उपस्थित रहे। बैठक में ग्रामीणों ने भी अपने सुझाव एवं विचार रखे। सभी ने सामूहिक प्रयासों से सोखधाम और सतीधाम की धार्मिक विरासत को संरक्षित करते हुए इनके विकास को गति देने की आवश्यकता जताई।

 

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