नावानगर अंचल कार्यालय का एडीएम ने किया औचक निरीक्षण, लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन का दिया सख्त निर्देश
भू-अतिक्रमण, दाखिल-खारिज, अभियान बसेरा-2, परिमार्जन समेत कई योजनाओं की समीक्षा; अद्यतन नहीं मिलीं कई महत्वपूर्ण पंजियां, अधिकारियों को लगाई फटकार


न्यूज़ विज़न। बक्सर
मंगलवार को अपर समाहर्ता (एडीएम) बक्सर अरुण कुमार सिंह ने नावानगर अंचल कार्यालय का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने राजस्व एवं भूमि से जुड़े विभिन्न कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन तथा कार्यालयी अभिलेखों को अद्यतन रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
निरीक्षण के क्रम में एडीएम ने परिमार्जन, एलपीसी, पुराने लंबित मापी वाद, भू-अतिक्रमण के मामले, अभियान बसेरा-2, बेदखली, जल-जीवन-हरियाली, विभागीय भूमि पंजी, दाखिल-खारिज, सहयोग पोर्टल पर प्राप्त आवेदन तथा नीलाम पत्र वाद सहित विभिन्न मामलों की हल्कावार समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से भू-अतिक्रमण के पुराने लंबित मामलों की जांच की। समीक्षा में पाया गया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के कई भू-अतिक्रमण वाद अब तक लंबित हैं और उनका निष्पादन नहीं हो सका है। इस पर एडीएम ने अंचल अधिकारी नावानगर को निर्देश दिया कि सभी पुराने मामलों में व्यक्तिगत रुचि लेते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर उनका निष्पादन सुनिश्चित करें।
अभियान बसेरा-2 की प्रगति पर भी हुई समीक्षा
अभियान बसेरा-2 के तहत कुल 82 पात्र परिवारों में से अब तक 34 परिवारों को भूमि आवंटित की गई है। इनमें 33 परिवारों का पर्चा ऑनलाइन अपलोड किया जा चुका है। शेष पात्र परिवारों को शीघ्र भूमि आवंटित कर पर्चा निर्गत करने की कार्रवाई तेज करने का निर्देश दिया गया। साथ ही हल्कावार समीक्षा के दौरान सभी राजस्व कर्मचारियों को भूमि आवंटन की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कहा गया।
कई महत्वपूर्ण पंजियां नहीं मिलीं अद्यतन
निरीक्षण के दौरान भू-हस्तांतरण पंजी, गृहस्थल पंजी, वासगीत पर्चा, बेदखली पंजी, आरटीपीएस पंजी, भू-मापी पंजी, बंदोबस्ती पंजी, अतिक्रमण वाद पंजी, विधान मंडल प्रश्नोत्तरी पंजी, सूचना का अधिकार पंजी, भूमि विवाद पंजी, आश्रित प्रमाण पत्र पंजी, अभियोजन प्रमाण पत्र पंजी, चरित्र प्रमाण पत्र पंजी, पारिवारिक सूची पंजी एवं प्रमाण पत्र सत्यापन पंजी अद्यतन संधारित नहीं पाए गए। इस पर एडीएम ने नाराजगी जताते हुए अंचल अधिकारी को विभागीय निर्देशों के अनुरूप सभी पंजियों को शीघ्र अद्यतन कर अनुपालन प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
दाखिल-खारिज मामलों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश
दाखिल-खारिज से संबंधित निष्पादित एवं अस्वीकृत मामलों की समीक्षा के दौरान एडीएम ने निर्देश दिया कि प्रत्येक आवेदक को समय पर सूचना उपलब्ध कराई जाए। समीक्षा में पाया गया कि 35 दिनों से अधिक समय से 18 मामले लंबित हैं, जबकि 75 दिनों से अधिक का कोई मामला लंबित नहीं है। उन्होंने 35 दिनों से अधिक लंबित सभी मामलों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निष्पादित कर शून्य करने का निर्देश दिया।
आम लोगों की समस्याएं भी सुनीं
निरीक्षण के दौरान एडीएम ने अंचल कार्यालय पहुंचे आम नागरिकों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। इनमें प्रमुख रूप से मो. खुर्शीद आलम (नावानगर) – पंजी-2 में नाम सुधार, कलक्टर सिंह (पारसडीह) – परिमार्जन, लक्ष्मण सिंह (काजी डिहरी) – भूमि मापी, मुन्नी देवी (रेंका) – ऑनलाइन नाम अंकन, अजय यादव एवं पंकज कुमार – परिमार्जन, रामनाथ सिंह (सोनवर्षा) – पानी निकासी, सुमन देवी (सोनवर्षा) – रास्ता एवं अतिक्रमण, प्राण राम (आथर) – जमाबंदी से संबंधित शिकायत लेकर पहुंचे। एडीएम ने अंचल अधिकारी को निर्देश दिया कि सभी आवेदकों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए।
एडीएम का स्पष्ट संदेश
निरीक्षण के माध्यम से एडीएम ने स्पष्ट संकेत दिया है कि राजस्व एवं भूमि संबंधी मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन, कार्यालयी अभिलेखों के नियमित संधारण तथा आम नागरिकों की समस्याओं के समयबद्ध समाधान पर विशेष जोर दिया गया है।





