OTHERS

राष्ट्रीय लोक अदालत में 1607 मामलों का निपटारा, 9.12 करोड़ की समझौता राशि पर बनी सहमति

बक्सर में आयोजित वर्ष 2026 की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक के 790 मामलों समेत विभिन्न वादों का हुआ निष्पादन, न्यायिक अधिकारियों ने बताया सुलह को विवाद निपटारे का सरल माध्यम

न्यूज़ विज़न।  बक्सर
जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बक्सर के तत्वावधान में शनिवार, 12 सितंबर 2026 को वर्ष 2026 की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। व्यवहार न्यायालय परिसर में आयोजित लोक अदालत का उद्घाटन जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-द्वितीय मनीष कुमार शुक्ला की अध्यक्षता में दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस दौरान जिला पदाधिकारी साहिला, पुलिस उपाधीक्षक, बक्सर, अवर न्यायाधीश-सह-सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार नेहा दयाल, स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष प्रवीण कुमार सिंह श्रीनेत, मुख्य अधिवक्ता विधिक सहायता प्रतिरक्षा प्रणाली विनय कुमार सिन्हा समेत अन्य मंचासीन पदाधिकारी एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।

 

कार्यक्रम में जिला अधिवक्ता संघ के सचिव बिंदेश्वरी पांडेय, व्यवहार न्यायालय के सभी न्यायिक पदाधिकारी एवं कार्यालय कर्मी उपस्थित रहे। मंच का संचालन न्यायिक दंडाधिकारी द्वितीय श्रेणी सुश्री आंचल ने किया। राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ पूर्वाह्न 10 बजे हुआ। समाचार लिखे जाने तक विभिन्न श्रेणियों के कुल 1607 मामलों का निपटारा कराया जा चुका था। इस अवसर पर जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-द्वितीय मनीष कुमार शुक्ला ने कहा कि लोक अदालत सुलभ और कम समय में मुकदमों के निपटारे का सरल माध्यम है। इसमें किसी पक्ष की हार या जीत नहीं होती, बल्कि सुलह के माध्यम से दोनों पक्षों की जीत होती है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपने वाद का निपटारा आपसी सहमति और सुलह-समझौते के आधार पर लोक अदालत के माध्यम से करा सकता है।

 

वहीं, जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव नेहा दयाल ने कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली के निर्देश पर राष्ट्रीय लोक अदालत को एक राष्ट्रीय पर्व के रूप में आयोजित किया जाता है। उन्होंने कहा कि लोग अपने मुकदमों को लेकर स्थानीय न्यायालय से लेकर उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय तक चक्कर लगाते रहते हैं। ऐसे में लोक अदालत उनके लिए एक ऐसा मंच है, जहां सुलह के आधार पर एक ही दिन में मामलों का निपटारा कराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य व्यवहार न्यायालय में बढ़ रहे मुकदमों के बोझ को कम करने के साथ आम लोगों को सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है। लोक अदालत जनता की अदालत है, जहां पक्षकारों की सहमति से उनके मामलों का निपटारा किया जाता है। दोनों पक्षों के बीच सुलह होने के बाद अवार्ड तैयार किया जाता है, जिसकी प्रति दोनों पक्षकारों को दी जाती है और एक प्रति न्यायालय में सुरक्षित रखी जाती है।

बैंक के 790 मामलों में 9.12 करोड़ की समझौता राशि

राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान विभिन्न बैंकों के रिकवरी से संबंधित 790 मामलों का निपटारा कराया गया। इन मामलों में कुल 9 करोड़ 12 लाख 39 हजार 204 रुपये की समझौता राशि पर हस्ताक्षर किए गए। इसके अलावा यातायात के 319, आपराधिक मामलों के 271, विद्युत के 193, वैवाहिक विवाद के 28 तथा एनआई एक्ट के 5 मामलों का भी निपटारा कराया गया। जिला परिवहन पदाधिकारी से संबंधित मामलों का भी निष्पादन किया गया। लोक अदालत की विभिन्न पीठों में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश सोने लाल रजक, मानस कुमार वत्सल, कमल कुमार, अवर न्यायाधीश भोला सिंह एवं महेश्वर नाथ पांडेय तथा न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी सचिन कुमार और दिवाकर राम उपस्थित रहे।

इस दौरान पैनल अधिवक्ता किरण कुमारी, ज्योति शंकर, नंद जी यादव, राजीव कुमार मिश्रा, राजेश कुमार, विष्णु दत्त द्विवेदी एवं रेणु रणविजय ओझा सहित पारा विधिक स्वयंसेवक कविंद्र पाठक, मनन कुमार सिंह, शिवदयाल पांडेय, प्रमोद कुमार, रामजी यादव, विवेक कुमार, प्रेम प्रकाश चौबे समेत अन्य लोग सक्रिय रहे। कार्यालय कर्मियों में सुधीर कुमार, दीपेश कुमार, संजीव कुमार, अशोक कुमार सिंह, प्रभारी प्रशासन राजीव कुमार, नाजिर संतोष द्विवेदी, ओम प्रकाश सिंह, अविनाश समेत अन्य कर्मियों ने आयोजन में सहयोग किया।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button