बड़बोले जनप्रतिनिधि विकास में बाधक, राज्य सरकार पर अधिग्रहण को बनायें दबाव: प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन
डुमरांव मुख्य सड़क निर्माण की अनदेखी पर स्वयं शक्ति के अनिश्चितकालीन धरने के समर्थन में पहुंचे कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन


न्यूज़ विज़न। बक्सर
राज्य के और स्थानीय जन समस्याओं के निराकरण से ज्यादा वर्तमान दौर में खुद को सोशल मीडिया में जननेता चमकाने की कवायद में आम जनता के मुद्दों को जनप्रतिनिधि गौण कर दे रहे हैं। बड़बोले जनप्रतिनिधि विकास में बाधक बन चुके हैं जो अपनी जिम्मेदारियों का उचित निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं जिससे सरकार और जनता के बीच संवाद बाधित हो रही है। ये बातें स्वयं शक्ति संगठन के बैनर तले युवाओं के डुमरांव मुख्य सड़क निर्माण की मांग को लेकर चल रहे अनिश्चितकालीन धरने के समर्थन में पहुंचे बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने कही।
बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने कहा कि लगातार जनता के वाजिब मांगों को दरकिनार कर चुने हुए जनप्रतिनिधि केवल अपना चेहरा चमकाने के लिए बड़े बड़े वादे कर रहे हैं लेकिन जमीनी हकीकत इसके इतर रह रही है। एनडीए के शासन काल में राज्य की आर्थिक स्थिति तंगहाल हो चुकी है और लगातार योजनाओं के मद में कटौती और नजरअंदाज करने से यह स्पष्ट हो चुका है कि जो कार्य पहले से चयनित हैं और उनमें तेजी लाकर जमीन अधिग्रहण कर अविलंब बाईपास का निर्माण करवाना चाहिए था, उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। जनता के बीच जिन मुद्दों को लेकर जनप्रतिनिधियों ने चुनाव लड़ा और जनता का समर्थन प्राप्त किया उन प्रमुख मुद्दों को भी दरकिनार कर दिया है। स्वयं शक्ति संगठन के युवा धीरज मिश्र ने आम जनता के हित में यह अनिश्चितकालीन धरना दिया है और उनका संगठन अगले 24 घंटों में इसे आमरण अनशन के रूप में करने का ऐलान कर दिया है। सक्षम पदाधिकारियों को आकर इनकी मांगों को सुनना चाहिए और जनता के हित में अविलंब डुमरांव की इस मुख्य सड़क का मरम्मतीकरण कर, बाईपास के निर्माण के साथ इस मार्ग को आवागमन लायक बनाने की पहल करनी चाहिए। हमारे महागठबंधन से सांसद हैं उनसे भी मैंने आपके धरना में आने से पहले सवाल किया। इस मामले में केंद्र और राज्य सरकार के बीच सामंजस्य की कमी है और इसे अविलंब दूर करने का प्रयास स्थानीय विधायक को करना चाहिए। बाईपास के लिए जमीन अधिग्रहण का मामला राज्य सरकार के अधीन है और केंद्र से राशि आवंटित होने के बाद भी राज्य की भाजपा जदयू सरकार ने इसे ठंडे बस्ते में डाल रखा है। इस सड़क को स्टेट हाइवे से नेशनल हाईवे में परिणत किया गया लेकिन इसका हश्र ग्रामीण सड़क योजना से भी बदतर इस ऊहापोह में करके रख दिया गया है।
स्वयं शक्ति के अन्य मांगों जिनमें प्रमुख रूप से पांच सूत्री मांग पत्र है:
1. राष्ट्रीय राज्यमार्ग 120 ( NH 120 ) जो कि डुमरांव नगर का मुख्य मार्ग है उसमें यथाशीघ्र काम लगाया जाए।
2. राज उच्च विद्यालय खेल मैदान में बारिश के मौसम में पूरा जल जमाव हो जा रहा है। उससे जल निकासी का कार्य करवा कर उसका सौन्दर्यकरण का काम यथाशीघ्र शुरू किया जाए।
3. जंगली शिव मंदिर जो कि डुमरांव चौक से नया भोजपुर जाने का वैकल्पिक रास्ता है उसको यथाशीघ्र आम नागरिकों के लिए सुविधायुक्त किया जाए। बारिश के मौसम में यह रास्ता चलने लायक नहीं रह जा रहा जिससे रोज ही दुर्घटना की संभावना बनी रह रही है।
4. बाई पास रोड निर्माण के कार्य में तेजी लाया जाए। लंबे समय से कहा जा रहा कि अब बनेगा तब बनेगा, लेकिन नगर के लोग अब और इंतजार नहीं कर सकते।
5. अनुमंडल से ढकाईच की तरफ जाने वाले रास्ते को दुरुस्त किया जाए।
इसका समर्थन किया।
अनिश्चितकालीन धरना देने वालों में स्वयं शक्ति संगठन के धीरज मिश्र और राजन तिवारी ने कल से भूख हड़ताल की चेतावनी दी। इस दौरान विभिन्न संगठनों के स्थानीय नेताओं ने भी इस मुद्दे को उठाया जिसमें महत्वपूर्ण रूप से अम्बरीश पाठक, छात्र नेता रंजन ओझा, मनीष मिश्र, बिट्टू चौधरी, शौर्य केशरी, रंजीत यादव, पीयूष उपाध्याय, अशोक राय, मनोज राय, कल्याण तिवारी सहित अन्य प्रमुख रूप से रहें।





