गड्ढों में बैठकर जन सुराज का मौन धरना, विधायक से बोले बजरंगी मिश्रा—सड़क नहीं बनवा सकते तो इस्तीफा दें
जासो की जर्जर सड़क को लेकर अनोखा प्रदर्शन, बारिश के पानी से भरे गड्ढों में दो घंटे बैठे कार्यकर्ता; एक माह में काम शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी


न्यूज़ विज़न। बक्सर
बक्सर गोलंबर से जासो, नदांव होते हुए डुमरांव को जोड़ने वाली जर्जर सड़क की बदहाली को लेकर जन सुराज पार्टी ने रविवार को अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। जासो स्थित शिव मंदिर के सामने सड़क पर बने गड्ढों और उनमें जमा बारिश के पानी के बीच बैठकर पार्टी के जिलाध्यक्ष बजरंगी मिश्रा ने कार्यकर्ताओं के साथ करीब दो घंटे तक सांकेतिक मौन धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान सड़क की बदहाली को लेकर स्थानीय लोगों में भी काफी आक्रोश देखने को मिला।
गड्ढों में बैठकर सरकार और जनप्रतिनिधियों का ध्यान खींचने की कोशिश
जन सुराज के जिलाध्यक्ष बजरंगी मिश्रा ने कहा कि गोलंबर-जासो-नदांव होते हुए डुमरांव जाने वाली यह महत्वपूर्ण सड़क लंबे समय से जर्जर है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बने हैं, जिनमें बारिश का पानी जमा हो जाने से राहगीरों के लिए आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। लोगों को प्रतिदिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि आम जनता की परेशानी को जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाने के लिए गड्ढों में भरे पानी के बीच बैठकर मौन धरना देने का निर्णय लिया गया, ताकि सड़क की वास्तविक स्थिति को प्रतीकात्मक रूप से सामने रखा जा सके।
विधायक पर वादाखिलाफी का आरोप
धरने के दौरान बजरंगी मिश्रा ने स्थानीय सदर विधायक आनंद मिश्रा पर वादाखिलाफी का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान विधायक ने इस सड़क को चुनावी मुद्दा बनाया था और जनता से दो महीने के भीतर सड़क निर्माण कराने का वादा किया था। लेकिन चुनाव जीतने के बाद सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है। उन्होंने कहा कि विडंबना यह है कि विधायक का कार्यालय भी इसी सड़क के किनारे स्थित है। इसके बावजूद सड़क की बदहाली और जलजमाव की समस्या पर कोई ठोस पहल नहीं हो रही है।
‘सड़क नहीं बना सकते तो पद से इस्तीफा दें’
बजरंगी मिश्रा ने विधायक पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आईपीएस की नौकरी छोड़कर जनसेवा का दावा करने वाले जनप्रतिनिधि के क्षेत्र में आज जनता गड्ढों और जलजमाव से परेशान है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान बक्सर के विकास को लेकर किए गए दावों का अब जमीन पर असर दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विधायक सड़क निर्माण कराने में असमर्थ हैं तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने यहां तक कहा कि यदि विधायक निधि में सड़क निर्माण के लिए राशि नहीं है, तो वह स्वयं 5 हजार रुपये का योगदान देंगे और जरूरत पड़ी तो जनता से चंदा जुटाकर सड़क निर्माण के लिए संघर्ष करेंगे।
एक माह का अल्टीमेटम, आंदोलन तेज करने का ऐलान
जन सुराज जिलाध्यक्ष ने कहा कि सड़क निर्माण का कार्य यदि एक महीने के भीतर शुरू नहीं हुआ तो पार्टी अपने आंदोलन को और तेज करेगी। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में सड़क की बदहाली को लेकर बड़े स्तर पर आंदोलन किया जा सकता है।
‘इस सड़क पर चलना नरक के समान’
जन सुराज के लोकसभा प्रभारी दिवाकर पाठक ने कहा कि इस सड़क पर चलना नरक के समान हो गया है। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं आए दिन गड्ढों में गिरकर चोटिल होते हैं, लेकिन स्थानीय जनप्रतिनिधियों को जनता की इस परेशानी से कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि सड़क की स्थिति इतनी खराब है कि बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से यह पता लगाना भी मुश्किल हो जाता है कि सड़क कहां है और गड्ढा कहां।
स्थानीय लोगों का मिला समर्थन
सांकेतिक मौन धरने को स्थानीय लोगों का भी खुला समर्थन मिला। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे और सड़क की बदहाली को लेकर अपना आक्रोश जताया। लोगों ने कहा कि यह मार्ग आसपास के गांवों को जोड़ने के साथ-साथ डुमरांव और बक्सर के बीच आवागमन का महत्वपूर्ण रास्ता है। इसके बावजूद लंबे समय से सड़क की मरम्मत या निर्माण नहीं होने से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। धरने में धनजी पांडेय, विजय पाठक, धनजी उपाध्याय, नीरज सिंह, प्रभाकर, भुनेश्वर, अजीत लाल समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।





