डुमरांव की धरती पर गूंजा ‘अमर शहीद जिंदाबाद’, अगस्त क्रांति के वीर सपूतों को राजकीय समारोह में नमन
शहीद स्मारक स्थल पर श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा जनसैलाब, चार अमर शहीदों के परिजनों को प्रभारी मंत्री ने शॉल व तिरंगा देकर किया सम्मानित


न्यूज़ विज़न। बक्सर
1942 की अगस्त क्रांति में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ डुमरांव की धरती पर अदम्य साहस और देशभक्ति का परिचय देने वाले अमर शहीदों की स्मृति में रविवार को शहीद स्मारक स्थल पर भव्य राजकीय समारोह आयोजित किया गया। समारोह में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके बलिदान को याद किया। पूरा शहीद स्मारक परिसर देशभक्ति के नारों से गूंजता रहा।
कार्यक्रम में बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य पालन एवं पशु संसाधन विभाग के मंत्री सह बक्सर जिले के प्रभारी मंत्री नंदकिशोर राम, स्थानीय विधायक राहुल सिंह, जिलाधिकारी साहिला और पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।
चार अमर शहीदों के परिजनों का सम्मान
समारोह के दौरान प्रभारी मंत्री नंदकिशोर राम ने अगस्त क्रांति के अमर शहीद कपिल मुनि कहार, गोपाल जी कमकर, रामदास सोनार और रामदास लोहार के परिजनों को शॉल एवं तिरंगा प्रदान कर सम्मानित किया। शहीदों के परिवारों के सम्मान के दौरान समारोह में मौजूद लोगों ने भावुक होकर वीर सपूतों के बलिदान को याद किया।
डुमरांव के वीरों का बलिदान इतिहास का स्वर्णिम अध्याय : प्रभारी मंत्री
प्रभारी मंत्री नंदकिशोर राम ने कहा कि वर्ष 1942 की अगस्त क्रांति में डुमरांव के वीर सपूतों ने जिस साहस, शौर्य और देशभक्ति का परिचय दिया, वह स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय है। डुमरांव थाना पर तिरंगा फहराने के दौरान अंग्रेजी पुलिस की गोलीबारी के बावजूद वीरों ने पीछे हटना स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि कोरान सराय, आथर और नावाडेरा के युवाओं का बलिदान भी आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा और देशभक्ति की प्रेरणा देता रहेगा। ऐसे अमर बलिदानियों की स्मृतियों को संजोकर रखना समाज और आने वाली पीढ़ियों की जिम्मेदारी है।
शहीदों की स्मृतियों को संरक्षित करना प्रशासन की जिम्मेदारी : डीएम
जिलाधिकारी साहिला ने कहा कि डुमरांव की पावन धरती स्वतंत्रता संग्राम के वीर नायकों की कर्मभूमि रही है। यहां के शहीदों ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि शहीदों की स्मृतियों को संरक्षित रखना और उनके आदर्शों एवं संघर्ष की गाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
चारों अमर शहीदों से पुलिस बल को भी प्रेरणा : एसपी
पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने कहा कि डुमरांव के चारों अमर शहीदों का साहस आज भी पुलिस बल और आम नागरिकों को कर्तव्यनिष्ठा, साहस तथा राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीरों को याद करना हर नागरिक का कर्तव्य है।
शहीदों के आदर्शों को जीवन में उतारने का लें संकल्प : विधायक
स्थानीय विधायक राहुल सिंह ने कहा कि डुमरांव की माटी का इतिहास बेहद गौरवशाली रहा है। यहां के वीर सपूतों ने आजादी के आंदोलन में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। शहीदों के त्याग और बलिदान को याद करना महज औपचारिकता नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प है।
अधिकारियों और शहीद स्मारक समिति ने किया सम्मान
समारोह के दौरान एसडीएम राजीव कुमार ने प्रभारी मंत्री नंदकिशोर राम एवं जिलाधिकारी साहिला को सम्मानित किया। वहीं शहीद स्मारक समिति की ओर से भी उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में डीडीसी निहारिका छवि, एडीएम अरुण कुमार, ईओ राहुलधर दुबे, सीओ बृजेश कुमार द्विवेदी, डीएसपी पोलस्त कुमार, थानाध्यक्ष संजय सिंह सहित शहीद स्मारक समिति के संजय चंद्रवंशी, नन जी गांधी, गोपाल प्रसाद समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
नारों से गूंज उठा शहीद स्मारक परिसर
समारोह के अंत में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आम नागरिकों ने एक स्वर में ‘अमर शहीद जिंदाबाद’ के नारे लगाए। पूरा परिसर देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत हो उठा। लोगों ने स्वतंत्रता संग्राम के वीर सपूतों को नमन करते हुए उनके बलिदान और आदर्शों को हमेशा जीवित रखने का संकल्प लिया। डुमरांव के शहीद स्मारक पर आयोजित यह समारोह एक बार फिर यह संदेश दे गया कि आजादी केवल इतिहास का एक अध्याय नहीं, बल्कि लाखों वीरों के त्याग, संघर्ष और बलिदान की अमर विरासत है।





