इटाढ़ी रेलवे गुमटी खोलने की मांग को लेकर दोबारा आरम्भ हुआ अनिश्चितकालीन धरना, प्रशासन को दी गयी चेतावनी
सरोज राजभर बोले—जनता की परेशानी को नजरअंदाज कर रहा रेलवे और जिला प्रशासन, गुमटी नहीं खुली तो तेज होगा आंदोलन


न्यूज़ विज़न। बक्सर
इटाढ़ी रेलवे गुमटी को आम लोगों के आवागमन के लिए पुनः खोले जाने की मांग को लेकर गुरुवार, 30 जुलाई से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन धरना आरम्भ दिया गया। धरने की अध्यक्षता जिला संयोजक अति पिछड़ा मंच सरोज राजभर ने की, जबकि संचालन डॉ. अजीत कुशवाहा ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने रेलवे गुमटी बंद होने से हो रही परेशानियों को लेकर आवाज बुलंद की।
धरनार्थियों को संबोधित करते हुए सरोज राजभर ने कहा कि रेलवे प्रशासन और जिला प्रशासन जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील नहीं दिखाई दे रहे हैं। इटाढ़ी रेलवे गुमटी बंद होने से आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सावन के महीने में गंगा सहित विभिन्न स्थानों से जल लेकर बाबा के मंदिरों में जलाभिषेक करने जाने वाले श्रद्धालुओं को भी आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि रेलवे गुमटी बंद होने का असर केवल श्रद्धालुओं तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों, किसानों, व्यापारियों, महिलाओं और बुजुर्गों समेत समाज के सभी वर्गों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोगों को आने-जाने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है, जिससे समय और आर्थिक नुकसान के साथ-साथ रोजमर्रा की गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं। सरोज राजभर ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की समस्या का जल्द समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इटाढ़ी रेलवे गुमटी खुलवाने तक संघर्ष मोर्चा अपनी लड़ाई जारी रखेगा। जनता के हित में जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
उन्होंने रेलवे और जिला प्रशासन के अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अभी भी समय है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इटाढ़ी रेलवे गुमटी को खोलने की दिशा में ठोस पहल की जाए। यदि ऐसा नहीं किया गया तो संघर्ष मोर्चा आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होगा। इसके लिए उत्पन्न होने वाली स्थिति की पूरी जवाबदेही प्रशासन की होगी। धरना कार्यक्रम में राजकुमार राय, जितेंद्र कुमार, रमाकांत चंद्रवंशी, अजीत कुमार, कमलेश राय, महिला नेत्री कृष्णावती देवी, राम इकबाल ठाकुर, जिला सह-संयोजक दीनानाथ ठाकुर, सूरज क्रांति देवी, व्यास, चंदन तेजस्वी, जगनारायण सिंह, तेज प्रताप सिंह, रामजी पासवान, शंकर राजभर, विनोद कुमार पांडेय, मुन्ना ओझा, मनजी राजभर, कमलेश कुमार राव, सुशील कुमार, लाल बाबू माली सहित अनेक लोग शामिल हुए। धरनार्थियों ने एक स्वर में इटाढ़ी रेलवे गुमटी को जनहित में खोले जाने की मांग की और कहा कि इस मामले में जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और मजबूती के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।
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