ट्रिनिटी कॉन्वेंट स्कूल में प्री-दीपावली उत्सव की धूम, नन्हे-मुन्ने बच्चों ने बाल रामलीला से मोहा मन
'मुझमें राम' फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता, दीया सजाओ और रंगोली प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा; सुरक्षित एवं पर्यावरण अनुकूल दीपावली मनाने का दिया संदेश

न्यूज़ विज़न। बक्सर
सदर प्रखंड के चुरामनपुर स्थित ट्रिनिटी कॉन्वेंट स्कूल में दीपावली के पावन पर्व के आगमन पर प्री-दीपावली उत्सव का भव्य आयोजन हर्षोल्लास एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर दीपोत्सव के रंगों से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता, सांस्कृतिक प्रतिभा और कलात्मक अभिरुचि का शानदार प्रदर्शन कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
उत्सव के अंतर्गत मोंटेसरी वर्ग के नन्हे-मुन्ने बच्चों के बीच बाल रामलीला एवं ‘मुझमें राम’ फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें बच्चों ने रामायण के विभिन्न पात्रों का आकर्षक रूप धारण कर मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। बाल रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा, सत्य, प्रेम तथा अच्छाई की बुराई पर विजय का संदेश दिया गया। वहीं, कक्षा एक से तीन तक के विद्यार्थियों के लिए ‘दीया बनाओ-सजाओ’ प्रतियोगिता आयोजित हुई। बच्चों ने रंगों और विभिन्न सजावटी सामग्रियों का उपयोग कर सुंदर एवं आकर्षक दीप तैयार किए। इसके माध्यम से उन्हें भारतीय कला और पारंपरिक संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिला। दूसरी ओर, कक्षा चार से आठ तक के विद्यार्थियों के बीच रंगोली सह सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर आकर्षक रंगोलियां बनाईं। साथ ही दीपावली के धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर अपने विचार साझा किए। चर्चा के दौरान आपसी प्रेम, भाईचारे, स्वच्छता और सकारात्मकता को त्योहार का वास्तविक संदेश बताया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित विद्यालय के उप-प्रबंधक धर्मेंद्र पांडेय ने बच्चों को सुरक्षित एवं संयमित तरीके से दीपावली मनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि त्योहार खुशियां बांटने और आपसी प्रेम एवं सद्भाव को मजबूत करने का अवसर है। बच्चों को पटाखों से होने वाले प्रदूषण एवं दुर्घटनाओं के प्रति जागरूक रहना चाहिए। उन्होंने पर्यावरण अनुकूल दीपावली मनाने और मिट्टी के दीयों के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की।
विद्यालय की प्रधानाचार्या सोनिका पांडेय ने कहा कि त्योहार बच्चों को अपनी संस्कृति, परंपरा और नैतिक मूल्यों को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, अनुशासन, त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और मर्यादा का पालन करने की प्रेरणा देता है। वहीं, उप-प्रधानाचार्य राहुल जायसवाल ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से आत्मविश्वास, रचनात्मकता, अभिव्यक्ति क्षमता और टीम भावना का विकास होता है।
मोंटेसरी वर्ग के कार्यक्रम को सफल बनाने में कामिनी सिंह, आफरीन, नंदनी, स्नेहा श्रीवास्तव, जागृति, अंजू सिंह एवं स्नेहा दुबे का विशेष योगदान रहा। वहीं, संपूर्ण आयोजन में खुशबू सिंह, शिल्पी वर्मा, सुष्मिता ओझा, अमृता सिंह, निशांता, अंकित, उमेश, भूपेंद्र, अग्रता, उपेंद्र, जागृति, जेसिका, राहुल, अजित एवं राम दुबे की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस प्रकार प्री-दीपावली उत्सव ने मनोरंजन के साथ विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों, धार्मिक परंपराओं और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। आयोजन ने यह साबित किया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि रचनात्मक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों का सर्वांगीण विकास करना भी है।




