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आर्थिक संकट से जूझ रही ई रिक्शा से कचरा का उठाव करने वाली महिला चालक

ई रिक्शा से कचरा संग्रह कश्रने वाली महिला चालकों को दो माह से नहीं हुआ मानदेय का भुगतान

न्यूज विजन। बक्सर
नगर परिषद क्षेत्र में ई रिक्शा चलाकर कूड़ा उठाने का काम कर रही महिलाओं का बीते दो माह से वेतन (मानदेय) का भुगतान नहीं किया गया है। काम करने के बावजूद पगार नहीं मिलने से उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है। इन महिला चालकों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है, क्योंकि ये घर चलाने के लिए इसी आमदनी पर निर्भर हैं। सूत्रों की मानें तो दो माह से बिना पगार के 27 महिलाएं प्रचंड गर्मी में ई रिक्शा चलाकर कचरा संग्रह का काम कर रही हैं। वे पैसे के अभाव में कर्ज लेकर काम चलाने को विवश हो गई हैं।

 

उन्होंने कहा कि पैसे के अभाव में एक तरफ जहां बच्चों की फीस नहीं देनी पा रहे हैं वहीं दूसरी ओर भोजन पर भी आफत आ गया है। फरवरी और मार्च माह का वेतन नहीं मिला है। अप्रैल माह में सोलह दिन निकल गये। किराना वाले दुकानदार भी उधार में राशन देने मना कर रहे हैं।

 

भाकपा-माले सह मजदूर नेता संजय शर्मा ने बताया कि पहले 250 रुपए प्रति दिन के हिसाब से मानदेय मिलता था। न्यूनतम मानदेय 528 रुपए प्रति दिन के लिए आंदोलन हुआ। तब नप प्रशासन ने फरवरी और मार्च माह में 400 रुपए और 1अप्रैल 2026 से 528 रुपए प्रति दिन का मानदेय देने के भरोसा मिलने पर सभी सफाई कर्मी हड़ताल खत्म कर काम पर लौटे। लेकिन फरवरी और मार्च माह में 27 महिला ई रिक्शा चालकों का भुगतान नहीं किया गया है। मजदूर नेता संजय शर्मा ने कहा कि शीघ्र बकाया मानदेय का भुगतान नहीं किया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। काम करने के बावजूद महिला ई रिक्शा चालकों का दो माह से मानदेय लंबित होना नगर परिषद प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर रहा है।

 

रवि कुमार सिंह, स्वच्छता पदाधिकारी ने कहा कि महिला ई रिक्शा चालकों का पहले एनजीओ के माध्यम से भुगतान किया जाता था। बोर्ड की बैठक में निर्णय प्रस्तावित है कि अब इनके मानदेय का भुगतान नप के द्वारा किया जाएगा, उपस्थिति सत्यापन के बाद मानदेय भुगतान की अग्रतर कार्रवाई की जाएगी।

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