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कमीशन को लेकर पार्षदों में बहस का ऑडियो वायरल, नगर परिषद के कार्यों की गुणवत्ता पर उठे सवाल

वार्ड 17 के पार्षद शाहबाज अख्तर और पूर्व वार्ड पार्षद राकेश सिंह के बीच कथित बातचीत सोशल मीडिया पर वायरल, ऑडियो में कमीशन को लेकर बहस का दावा

न्यूज़ विज़न।  बक्सर 
बक्सर नगर परिषद क्षेत्र में इन दिनों एक कथित ऑडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल ऑडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि इसमें नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 17 के पार्षद शाहबाज अख्तर और पूर्व वार्ड पार्षद राकेश सिंह के बीच पुस्तकालय रोड के समीप नगर परिषद के कार्यों में कथित कमीशन को लेकर बहस हो रही है। ऑडियो सामने आने के बाद नगर परिषद की कार्यप्रणाली और उसके माध्यम से कराए जाने वाले विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

 

वायरल ऑडियो में कथित तौर पर नगर परिषद के कार्यों में कमीशन को लेकर बातचीत और बहस सुनाई देने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, न्यूज विज़न वायरल ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और ऑडियो में मौजूद आवाज एवं बातचीत की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। वायरल ऑडियो के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि नगर परिषद के विकास कार्यों में वास्तव में किसी प्रकार की कमीशन व्यवस्था मौजूद है, तो इसका सीधा असर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर पड़ सकता है। सड़क, नाला, गली, प्रकाश व्यवस्था अथवा अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता आम लोगों के हितों को प्रभावित कर सकता है।

 

स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर परिषद क्षेत्र में समय-समय पर कराए जाने वाले विकास कार्यों को लेकर गुणवत्ता पर सवाल उठते रहे हैं। कई जगह सड़क और नाली निर्माण के बाद कम समय में ही टूट-फूट की शिकायत सामने आती है। ऐसे में वायरल ऑडियो ने पहले से मौजूद चर्चाओं को और हवा दे दी है। हालांकि, किसी वायरल ऑडियो के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि नगर परिषद के प्रत्येक कार्य में पार्षदों का कमीशन तय रहता है। इसके लिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, ऑडियो की तकनीकी जांच तथा संबंधित लोगों का पक्ष सामने आना आवश्यक है।

जांच की मांग उठने की संभावना

वायरल ऑडियो को लेकर अब नगर परिषद प्रशासन से स्पष्टता की मांग उठ सकती है। लोगों का कहना है कि यदि ऑडियो में लगाए जा रहे आरोप गलत हैं तो संबंधित पक्ष को सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। वहीं, यदि बातचीत वास्तविक है और उसमें सरकारी कार्यों में कमीशन से संबंधित गंभीर आरोप सामने आते हैं, तो पूरे मामले की जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए। नगर परिषद द्वारा कराए जाने वाले विकास कार्यों में सरकार का पैसा खर्च होता है और यह पैसा मूल रूप से आम जनता से प्राप्त राजस्व एवं सरकारी योजनाओं से आता है। इसलिए प्रत्येक निर्माण कार्य में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करना नगर परिषद की जिम्मेदारी है।

फिलहाल वायरल ऑडियो ने बक्सर नगर परिषद की कार्यप्रणाली को लेकर एक नई बहस जरूर छेड़ दी है। अब देखना होगा कि नगर परिषद प्रशासन, संबंधित पार्षद और पूर्व पार्षद इस वायरल ऑडियो को लेकर क्या स्पष्टीकरण देते हैं तथा क्या पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाती है।

नोट: वायरल ऑडियो की सत्यता और उसमें कही गई बातों की स्वतंत्र पुष्टि न्यूज विज़न द्वारा नहीं की गई है। संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

वीडियो देखें :

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