OTHERS

शताब्दी वर्ष के सातवें कार्यक्रम में गूंजा राष्ट्रभाव, सिमरी के नियाजीपुर में सैकड़ों स्वयंसेवकों का एकत्रीकरण

मस्तराम बाबा की कुटिया में ध्वजारोहण के साथ शुरू हुआ कार्यक्रम, सूर्य नमस्कार, आसन, खेल और सामूहिक गीत से बना देशभक्ति का माहौल

न्यूज़ विज़न।  बक्सर 
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के सात कार्यक्रमों की श्रृंखला के सातवें कार्यक्रम के तहत रविवार को बक्सर जिले के सभी 12 खंडों एवं 2 नगरों में स्वयंसेवकों का एकत्रीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न स्थानों पर पिछले एक सप्ताह से अलग-अलग आयु वर्ग के स्वयंसेवकों की सैकड़ों शाखाएं संचालित की जा रही थीं। इसी क्रम में रविवार को खंड एवं नगर स्तर पर स्वयंसेवकों का सामूहिक एकत्रीकरण संपन्न हुआ।

 

सिमरी खंड का मुख्य कार्यक्रम नियाजीपुर स्थित मस्तराम बाबा की कुटिया परिसर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः ध्वजारोहण के साथ हुई। इसके बाद स्वयंसेवकों ने शारीरिक कार्यक्रम, आसन, सूर्य नमस्कार एवं विभिन्न खेलों में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान सामूहिक गीत “स्वयं अब जागकर हमको, जगाना देश है अपना” प्रस्तुत किया गया, जिससे पूरे परिसर में देशभक्ति और राष्ट्रभाव का वातावरण बन गया। कार्यक्रम में बौद्धिककर्ता एवं जिला शारीरिक शिक्षण प्रमुख, बक्सर अविनाश कुमार वर्मा ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत आज तेजी से बदलते हुए दौर से गुजर रहा है। विज्ञान, तकनीक, शिक्षा, अर्थव्यवस्था और संचार के क्षेत्र में देश ने उल्लेखनीय प्रगति की है, लेकिन विकास के साथ समाज के सामने कई नई चुनौतियां भी सामने आई हैं।

 

उन्होंने सामाजिक विभाजन, परिवार व्यवस्था में बदलाव, पर्यावरण की चिंता, युवाओं में दिशाहीनता, सांस्कृतिक विस्मृति और व्यक्तिगत स्वार्थ की बढ़ती प्रवृत्ति को समाज के सामने मौजूद महत्वपूर्ण चुनौतियां बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की आवश्यकता और प्रासंगिकता और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। अविनाश कुमार वर्मा ने कहा कि संघ का मूल विचार व्यक्ति निर्माण के माध्यम से समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाने का है। शाखा में केवल शारीरिक गतिविधियां ही नहीं होतीं, बल्कि अनुशासन, समयबद्धता, बंधुत्व, सेवा, नेतृत्व और राष्ट्रभाव जैसे संस्कार विकसित करने का प्रयास किया जाता है।

उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसके नागरिक होते हैं। यदि व्यक्ति अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक, अनुशासित, ईमानदार और समाज के प्रति संवेदनशील हो, तो राष्ट्र स्वतः मजबूत होता है। इसी उद्देश्य से संघ का कार्य केवल संगठन विस्तार तक सीमित न होकर चरित्रवान एवं जिम्मेदार नागरिक निर्माण पर केंद्रित है। कार्यक्रम में खंड कार्यवाह बृजराज पाठक, विभाग धर्म जागरण प्रमुख श्रीमन नारायण राय, आशुतोष ओझा, निलेश, अभिमन्यु, बबलू, जितेश, त्रियोगी उपाध्याय, आशुतोष, अविनाश मिश्रा, रतन दुबे, नीतेश, हरिशंकर पाठक सहित सैकड़ों स्वयंसेवकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। शारीरिक गतिविधियों, सामूहिक गीत और बौद्धिक सत्र के माध्यम से राष्ट्र, समाज और व्यक्ति के दायित्वों को लेकर स्वयंसेवकों को जागरूक करने का संदेश दिया गया।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button