त्योहारों में जनता के बीच दिखना चाहिए जनप्रतिनिधि, सिर्फ चुनाव जीतना ही जिम्मेदारी नहीं : मुन्ना तिवारी
चौसा में दुर्गा पूजा के बाद आयोजित भंडारे में पहुंचे पूर्व सदर विधायक ने सड़क, स्वास्थ्य और बिजली व्यवस्था को लेकर उठाए सवाल, साइबर ठगी मामले में निष्पक्ष जांच की मांग

न्यूज़ विज़न। बक्सर
बक्सर जिले के चौसा नगर पंचायत स्थित अमर नवयुवक छात्र संघ पूजा समिति की ओर से दुर्गा पूजा के बाद आयोजित भंडारे में कांग्रेस के पूर्व सदर विधायक संजय कुमार तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जनप्रतिनिधियों की सक्रियता, जनता से जुड़ाव और क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं को लेकर अपनी बात रखी। पूर्व विधायक ने वर्तमान सदर विधायक आनंद मिश्रा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि दुर्गा पूजा और दशहरा जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों के अवसर पर जनप्रतिनिधियों की जनता के बीच मौजूदगी जरूरी है।
मुन्ना तिवारी ने कहा कि त्योहारों के दौरान जनता के बीच जनप्रतिनिधि की मौजूदगी से लोगों को यह भरोसा मिलता है कि उनका प्रतिनिधि सुख-दुख में उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी केवल चुनाव जीतने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। जनता की समस्याओं को सुनना, उनके बीच जाना और उनकी आवाज को संबंधित अधिकारियों से लेकर सदन तक पहुंचाना भी जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है। पूर्व विधायक ने कहा, “हम लोग जनता के प्रतिनिधि हैं। बक्सर जिले की लगातार 40 वर्षों से सेवा करते आ रहे हैं। विधायक होना या नहीं होना मायने नहीं रखता, मायने यह रखता है कि जनता की समस्याओं की आवाज उठाई जाए। जनता की आवाज सड़क से सदन तक पहुंचाने का काम पहले भी किया है और आगे भी करते रहेंगे।”
सड़क, स्वास्थ्य और बिजली व्यवस्था पर उठाए सवाल
मुन्ना तिवारी ने बक्सर जिले की सड़क, स्वास्थ्य और बिजली व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए जनप्रतिनिधियों को अधिकारियों के समक्ष मजबूती से अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान जनप्रतिनिधि जनता के बीच वह विश्वास पैदा करने में सफल नहीं रहे हैं, जिसकी अपेक्षा लोगों को अपने प्रतिनिधि से होती है। उन्होंने कहा कि जब तक जनप्रतिनिधि अधिकारियों के समक्ष प्रभावी तरीके से जनता की समस्याओं को नहीं रखेंगे और आवश्यक दबाव नहीं बनाएंगे, तब तक सड़क, स्वास्थ्य और बिजली जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार संभव नहीं है।
“जनता के बीच जाना जरूरी”
पूर्व विधायक ने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि के लिए जनता से सीधा संवाद बेहद जरूरी है। जनता के बीच जाकर ही उनकी वास्तविक समस्याओं को समझा जा सकता है। उन्होंने कहा कि त्योहार केवल धार्मिक आयोजन नहीं होते, बल्कि समाज और जनप्रतिनिधियों के बीच जुड़ाव का भी अवसर होते हैं। ऐसे मौकों पर जनता के बीच मौजूद रहना प्रतिनिधि की सक्रियता और उसके जुड़ाव को दर्शाता है।
साइबर ठगी मामले में निष्पक्ष जांच की मांग
कार्यक्रम के दौरान मुन्ना तिवारी ने साइबर ठगी मामले में गिरफ्तार शैलेश कुमार मिश्रा का भी जिक्र किया। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं शैलेश कुमार मिश्रा को “बलि का बकरा” तो नहीं बनाया जा रहा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि जांच के दौरान सभी पहलुओं को सामने रखा जाना चाहिए। पूर्व विधायक ने कमल सेवा केंद्र और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच किए जाने की बात कही। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी मामले में कार्रवाई तथ्यों और जांच के आधार पर होनी चाहिए। सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
स्थानीय राजनीति में फिर गरमाया जनप्रतिनिधियों की सक्रियता का मुद्दा
मुन्ना तिवारी के इन बयानों के बाद बक्सर की स्थानीय राजनीति में जनप्रतिनिधियों की सक्रियता, जनता से संवाद और सड़क, स्वास्थ्य एवं बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। पूर्व विधायक के बयान को आगामी राजनीतिक गतिविधियों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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