भदार में मेधा प्रतियोगिता 2026 का भव्य आयोजन, 350 विद्यार्थियों ने लिखित परीक्षा में लिया हिस्सा
धार्मिक आयोजन के साथ शिक्षा, खेल और रचनात्मकता को बढ़ावा दे रही नवयुवक दुर्गा पूजा समिति, पेंटिंग, संगीत, भाषण व रचनात्मक लेखन में 153 बच्चों ने दिखाई प्रतिभा

न्यूज विज़न। बक्सर
नवयुवक दुर्गा पूजा समिति, भदार के तत्वावधान में दुर्गा पूजा के अवसर पर मेधा प्रतियोगी परीक्षा 2026 का आयोजन स्थानीय पूजा पंडाल परिसर में किया गया। प्रतियोगिता में कक्षा पांचवीं से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थियों के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन का उद्देश्य बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना रहा।
मेधा प्रतियोगिता के तहत कुल 9 समूहों में 350 बच्चों ने हिस्सा लिया। वहीं पेंटिंग, संगीत, भाषण तथा निबंध एवं रचनात्मक लेखन प्रतियोगिता में 153 बच्चों ने अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का उद्घाटन गांव के निवासी एवं चंडीगढ़ के प्रसिद्ध व्यवसायी तथा संत श्री बाबा गणिनाथ उत्थान संस्थान, बक्सर के निदेशक गणेश प्रसाद गुप्ता एवं गांव के ही निवासी सरोज कुमार कंचन ने संयुक्त रूप से किया। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए गणेश प्रसाद गुप्ता ने कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक आस्था के पर्व दुर्गा पूजा के आयोजन के साथ समिति द्वारा लिखित प्रतियोगी परीक्षा और खेलकूद जैसी गतिविधियों का आयोजन समाज को सशक्त एवं सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि सही मायने में शक्ति की आराधना का यही निहितार्थ है कि समाज की नई पीढ़ी को शिक्षा, संस्कार और प्रतिभा के विकास के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराया जाए। वहीं सरोज कुमार कंचन ने कहा कि इस तरह के आयोजन से बच्चों में पढ़ाई और खेल के प्रति स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है। ऐसी प्रतियोगिताएं बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करती हैं, जो बेहतर समाज के निर्माण के लिए आवश्यक है।
विभिन्न वर्गों में ये रहे विजेता
कक्षा पांचवीं में प्रभात प्रथम, शारदा द्वितीय और शिवानी तृतीय स्थान पर रहीं। कक्षा छठी में निहारिका प्रथम, नैतिक द्वितीय और सन्नी कुमार तृतीय रहे। कक्षा सातवीं में शेखर सुमन प्रथम, परिधि द्वितीय और वंदना तृतीय स्थान पर रहीं। कक्षा आठवीं में चैतन्य प्रथम, आदर्श द्वितीय और शिवम तृतीय रहे। कक्षा नौवीं में संजीत प्रथम, अनु द्वितीय और पवन तृतीय रहे। कक्षा दसवीं में रेहान खान प्रथम, साक्षी द्वितीय और पुनीत तृतीय स्थान पर रहे। कक्षा 11वीं में आरुषि प्रथम, निशु द्वितीय और कुणाल तृतीय रहे। वहीं कक्षा 12वीं में रागिनी प्रथम, आयुष द्वितीय और अंशु तृतीय स्थान पर रहे। प्रतियोगी परीक्षार्थियों की श्रेणी में सरीफ खान प्रथम, राजेश द्वितीय और तारीफ खान तृतीय रहे। सांत्वना पुरस्कार के लिए कक्षा पांचवीं से मनीष, कक्षा दसवीं से पलक और कक्षा 12वीं से सिद्धि का चयन किया गया।
पेंटिंग, संगीत और भाषण में भी बच्चों ने दिखाई प्रतिभा
पेंटिंग के सीनियर ग्रुप में निशु प्रथम, अंजली द्वितीय और अंजली तृतीय स्थान पर रहीं। जूनियर ग्रुप में रक्षा प्रथम, प्रीति द्वितीय और निशा तृतीय रहीं। संगीत प्रतियोगिता में रौशनी प्रथम, शिवानी द्वितीय और रूबीना खातून तृतीय रहीं। भाषण प्रतियोगिता में आरुषि प्रथम, शिवम द्वितीय और पायल तृतीय स्थान पर रहे। निबंध एवं रचनात्मक लेखन के सीनियर ग्रुप में रागिनी प्रथम, आरुषि द्वितीय और खुशी तृतीय रहीं। जूनियर ग्रुप में परिधि प्रथम, रिया द्वितीय और चैतन्य तृतीय स्थान पर रहे।
कार्यक्रम का संचालन विमल कुमार सिंह ने किया। इस अवसर पर गांव के अक्षयवर सिंह, हरिहर प्रसाद, अधिवक्ता बरमेश्वर सिंह, राणा संजय सिंह, एसबीआई अधिकारी शेखर, दिनेश सिंह, चंचल राम, मुखिया प्रतिनिधि हवलदार रजक, उपमुखिया रविन्द्र सिंह, उपसरपंच सतेंद्र सिंह, बृजनंदन सिंह, ज्योति प्रकाश सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
आयोजन समिति की ओर से श्रीमन, क्षितिज, चंदन, दीपक, अर्जुन, बबलू पाल, स्वतंत्र प्रकाश, लवकुश, सोनू दुबे, रजनीश, रंजीत, गौरव, हैप्पी, विकल्प, शनि, नीरज, प्रतीक और रोहित समेत अन्य सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। इस मौके पर जिला परिषद प्रत्याशी कविलाश सिंह, दुर्गा पूजा समिति के संरक्षक रंगबहादुर सिंह, अध्यक्ष अटल सिंह, कोषाध्यक्ष अनिल सिंह एवं महासचिव मिथिलेश सिंह समेत सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
शिक्षा और संस्कार के साथ प्रतिभा को मंच देने की पहल
गौरतलब है कि नवयुवक दुर्गा पूजा समिति भदार की ओर से प्रत्येक वर्ष धार्मिक आयोजन के साथ बच्चों के बीच शिक्षा एवं खेल के प्रति स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित करने के उद्देश्य से मेधा प्रतियोगी परीक्षा, खेलकूद स्पर्धा और नाटक प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। खास बात यह है कि इन आयोजनों में गांव के बच्चों के साथ बच्चियां भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती हैं। समिति के इस प्रयास से दुर्गा पूजा का आयोजन केवल धार्मिक आस्था तक सीमित न रहकर शिक्षा, संस्कृति, खेल, रचनात्मकता और सामाजिक सहभागिता का मंच बनता जा रहा है।




