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मुरार में 1960 से चली आ रही दुर्गा पूजा की परंपरा, गांव के युवा खुद तैयार कर रहे भव्य पंडाल

पंचमुखी चौक पर जोर-शोर से चल रही तैयारियां, 40 फीट लंबे पंडाल में विराजेंगी 12 फीट ऊंची मां दुर्गा की प्रतिमा; सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा के भी विशेष इंतजाम

न्यूज़ विज़न। बक्सर/चौगाई
शारदीय नवरात्र को लेकर जिले के चौगाई प्रखंड अंतर्गत मुरार गांव स्थित पंचमुखी चौक पर श्री श्री दुर्गा पूजा समिति की ओर से भव्य पूजा समारोह की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। पूजा समिति के अध्यक्ष कमलेश पांडेय की देखरेख में पंडाल निर्माण सहित अन्य तैयारियां अंतिम चरण की ओर बढ़ रही हैं। दुर्गा पूजा को लेकर गांव में अभी से उत्साह और भक्ति का माहौल दिखाई देने लगा है।

 

मुरार गांव की दुर्गा पूजा की सबसे खास बात यह है कि यहां पंडाल निर्माण के लिए बाहर से कारीगरों को नहीं बुलाया जाता है। गांव के युवा ही अपने श्रम, हुनर और रचनात्मकता से हर वर्ष आकर्षक एवं भव्य पंडाल तैयार करते हैं। इस वर्ष भी युवाओं की टोली पूरी मेहनत और उत्साह के साथ पंडाल निर्माण में जुटी हुई है।

 

40 फीट लंबे पंडाल में विराजेंगी 12 फीट ऊंची मां दुर्गा

पूजा समिति के अनुसार इस वर्ष पंडाल निर्माण में करीब 180 बांस, 50 किलो कपड़े की रस्सी, 25 मन बीट, 15 किलो कांटी और प्लाई का उपयोग किया जा रहा है। पंडाल की लंबाई लगभग 40 फीट होगी। इसके अंदर करीब 12 फीट ऊंची मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी। मां दुर्गा की प्रतिमा का निर्माण नोखा, रोहतास से आए मूर्तिकार मनोज कुमार द्वारा किया जा रहा है। पूजा स्थल पर देवी-देवताओं की आकर्षक प्रतिमाएं भी स्थापित की जाएंगी। वहीं पूरे पूजा परिसर और आसपास के क्षेत्र को रंग-बिरंगी आधुनिक लाइटों से सजाने की तैयारी है। रोशनी और आकर्षक सजावट के बाद पूजा स्थल श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा।

पूजा आयोजन पर खर्च होंगे करीब 3 से 4 लाख रुपये

समिति के अनुसार इस वर्ष दुर्गा पूजा आयोजन में लगभग 3 से 4 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। आयोजन को भव्य और व्यवस्थित बनाने के लिए समिति के सदस्य और ग्रामीण लगातार तैयारियों में जुटे हुए हैं। मुरार गांव में मां जगदंबा की पूजा की परंपरा काफी पुरानी है। समिति के सदस्यों के अनुसार वर्ष 1960 से लगातार मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की जा रही है। छह दशक से अधिक समय से चली आ रही यह परंपरा अब मुरार गांव की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा बन चुकी है। हर वर्ष बड़ी संख्या में आसपास के गांवों से श्रद्धालु यहां पहुंचकर मां दुर्गा के दर्शन और पूजा-अर्चना करते हैं।

सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा पर विशेष जोर

दुर्गा पूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी समिति और ग्रामीणों की ओर से विशेष तैयारी की जा रही है। असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए वॉलिंटियर की व्यवस्था की जाएगी। पूजा समिति के सचिव चंदन लाल और कोषाध्यक्ष रामजी के साथ समिति के अन्य सदस्य एवं ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। इससे पूजा के दौरान भीड़ नियंत्रण के साथ श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिलेगी।

शारदीय नवरात्र के नजदीक आते ही मुरार गांव में तैयारियां तेज होती जा रही हैं। समिति के सदस्यों और ग्रामीणों का उत्साह देखते ही बन रहा है। गांव के युवाओं की मेहनत से तैयार हो रहा यह पंडाल इस वर्ष भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनने की उम्मीद है।

 

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