गांधी-शास्त्री के विचारों से विद्यार्थियों को मिली सत्य, सादगी और सामाजिक मूल्यों की सीख
बिहार सेंट्रल स्कूल में ‘वर्तमान परिप्रेक्ष्य और सामाजिक मूल्य’ विषय पर हुआ सेमिनार, विद्यार्थियों ने गीत और भाषण के माध्यम से साझा किए विचार


न्यूज़ विज़न। बक्सर
शहर के बाईपास रोड स्थित बिहार सेंट्रल स्कूल के प्रांगण में शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती हर्षोल्लास एवं श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय में ‘वर्तमान परिप्रेक्ष्य और सामाजिक मूल्य’ विषय पर विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को दोनों महान विभूतियों के जीवन, विचारों और आदर्शों से परिचित कराते हुए उन्हें अपने व्यवहारिक जीवन में अपनाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के सचिव सरोज सिंह ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की। इसके बाद सेमिनार में वर्तमान समय में सामाजिक एवं नैतिक मूल्यों की प्रासंगिकता पर विस्तार से चर्चा की गई। अपने संबोधन में सरोज सिंह ने कहा कि विश्व के महान व्यक्तित्वों के विचार आज भी मानव समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के कार्य, विचार एवं जीवन-दर्शन हमें सत्यनिष्ठा, सादगी, अनुशासन और सकारात्मक सोच की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि महान व्यक्तित्वों की जयंती केवल समारोह आयोजित करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनके विचारों के छोटे से अंश को भी अपने व्यवहारिक जीवन में उतारने का प्रयास किया जाना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि गांधी और शास्त्री का जीवन-दर्शन आज के दौर में भी पूरी तरह प्रासंगिक है। उन्होंने सामाजिक हिंसा और आधुनिक जीवनशैली की विसंगतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समाज को गांधी के आदर्शों पर आधारित मानवीय मूल्यों तथा लाल बहादुर शास्त्री जैसे सादगीपूर्ण, ईमानदार और राष्ट्रनिष्ठ व्यक्तित्वों से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। सेमिनार के दौरान विद्यालय के विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक अपने विचार रखे। कक्षा सातवीं की छात्रा रागिनी ने गीत के माध्यम से महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के जीवन-दर्शन और उनके आदर्शों को प्रस्तुत किया। वहीं कक्षा सातवीं की छात्रा अर्चना ने अपने भाषण के माध्यम से समाज में बच्चों के चरित्र निर्माण के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकों ने भी सामाजिक मूल्यों, नैतिकता, अनुशासन और विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार, संवेदनशील और संस्कारवान नागरिक के रूप में तैयार करना भी है। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ सेमिनार का समापन हुआ। विद्यालय परिवार ने गांधी एवं शास्त्री के आदर्शों को विद्यार्थियों के जीवन में आत्मसात कराने तथा सामाजिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया।
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