बक्सर में गूंजा ‘जय वामन भगवान’ का जयघोष, भव्य रथयात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब
वामन द्वादशी पर वामन चेतना मंच के तत्वाधान में रामेश्वर नाथ मंदिर से निकली भगवान वामन की रथयात्रा, हजारों श्रद्धालुओं ने खींचा रथ; वामन पंचकोसी कॉरिडोर और बक्सर धाम को पर्यटन स्थल घोषित करने की उठी मांग


न्यूज़ विज़न। बक्सर
वामन द्वादशी के अवसर पर बुधवार को बक्सर शहर में भगवान वामन चेतना मंच के तत्वावधान में प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी भगवान वामन जयंती महोत्सव समारोह धूमधाम और श्रद्धाभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भगवान वामन की भव्य रथयात्रा निकाली गई, जिसमें बिहार के विभिन्न जिलों के साथ उत्तर प्रदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं समेत हजारों भक्तों ने भाग लिया। पूरा शहर ‘जय वामन भगवान’ के जयघोष और शंखध्वनि से भक्तिमय नजर आया।
भगवान वामन चेतना मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष मृत्युंजय तिवारी एवं उपाध्यक्ष प्रकाश पांडेय के नेतृत्व में निकली रथयात्रा की शुरुआत रामरेखा घाट स्थित श्री रामेश्वर नाथ मंदिर से हुई। कृष्णानंद शास्त्री के वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच भगवान वामन की पूजा-अर्चना के बाद रथयात्रा को रवाना किया गया। गाजे-बाजे के साथ निकली रथयात्रा पीपी रोड, यमुना चौक, मुनीम चौक, नगर थाना होते हुए किला मैदान, जेल रोड से सोमेश्वर स्थान स्थित भगवान वामन धाम पहुंची। रथयात्रा के दौरान शहर के विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने भगवान वामन के रथ पर पुष्पवर्षा की और आरती उतारी। सुसज्जित रथ पर विराजमान भगवान वामन के दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए सड़क के दोनों ओर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। भगवान के रथ की रस्सी खींचने को लेकर भी भक्तों में उत्साह देखने को मिला। रथयात्रा के वामन धाम पहुंचने पर आरती की गई और श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। पूरे दिन भगवान वामन की पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। शहरवासियों ने रथयात्रा में शामिल होकर भगवान वामन के दिव्य दर्शन किए और सुख-समृद्धि एवं मंगल की कामना की।
‘एक छोटे से संकल्प से विशाल कारवां तक’ पुस्तक का विमोचन
महोत्सव के दौरान भगवान वामन चेतना मंच की गतिविधियों और यात्रा को केंद्र में रखते हुए ‘एक छोटे से संकल्प से विशाल कारवां तक’ पुस्तक का विमोचन किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रमोद चौबे ने किया। इस दौरान विभिन्न अतिथियों को भगवान वामन के अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष मृत्युंजय तिवारी ने भगवान वामन पंचकोसी कॉरिडोर के निर्माण तथा बक्सर धाम को पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग भी रखी।
संतों ने बताया वामन अवतार का महत्व
कार्यक्रम में संतों ने भगवान वामन अवतार की महिमा बताते हुए कहा कि वामन भगवान विष्णु के प्रमुख अवतारों में से एक हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान ने वामन रूप धारण कर राजा बलि से तीन पग भूमि दान में मांगी थी। इसके बाद भगवान ने दो पग में समस्त सृष्टि को नाप लिया और तीसरे पग के लिए राजा बलि ने स्वयं को समर्पित कर दिया। संतों ने कहा कि बक्सर को सिद्धाश्रम और वामनाश्रम की पवित्र परंपरा से जोड़ा जाता है। परंपरा के अनुसार वामन द्वादशी के अवसर पर मां गंगा और ठोरा नदी के संगम पर भी हजारों श्रद्धालु स्नान और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।
संत-महात्माओं और जनप्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा
रथयात्रा एवं महोत्सव में बसाव पीठाधीश्वर अच्युत प्रपन्नाचार्य जी महाराज, आश्रम के महंत राजाराम शरण दास जी महाराज, अहिरौली मठिया के मधुसूदनाचार्य जी महाराज, श्याम सुंदर दास जी महाराज, पूर्व मंत्री अश्विनी चौबे, सांसद सुधाकर सिंह, विधायक आनंद मिश्र, राहुल सिंह, संतोष कुमार निराला, पूर्व विधायक संजय कुमार तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी, वर्षा पांडेय, डॉ. रंगनाथ तिवारी, डॉ. श्रीनिवास उपाध्याय, डॉ. पीके पांडेय, डॉ. एडी उपाध्याय, अभिषेक ओझा, सरोज तिवारी, दयानंद उपाध्याय, श्रवण तिवारी, कमलाकर ओझा, पीयूष पांडेय, आनंद पांडेय, अवधेश चौबे, आशुतोष चतुर्वेदी, धनंजय मिश्र, मुखिया चुनमुन चौबे, नागेश पांडेय, राकेश दुबे समेत हजारों श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।





