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चौसा की मिट्टी से जापान तक पहुंचा बक्सर का लाल, अविनाश कुमार को एशियन गेम्स में भारतीय कुश्ती टीम के साथ मिली बड़ी जिम्मेदारी

भारतीय कुश्ती टीम के स्पोर्टिंग स्टाफ के रूप में करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व, उपलब्धि से बक्सर, शाहाबाद और बिहार के खेल जगत में खुशी का माहौल

न्यूज़ विज़न।  बक्सर 
चौसा एवं बक्सर की धरती के लिए यह गौरव का विषय है कि क्षेत्र के प्रतिभाशाली पहलवान अविनाश कुमार को जापान में आयोजित होने वाले एशियन गेम्स में भारतीय कुश्ती टीम के स्पोर्टिंग स्टाफ के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्राप्त हुआ है। उनकी इस उपलब्धि से बक्सर, शाहाबाद क्षेत्र एवं पूरे बिहार के खेल जगत में हर्ष और गर्व का माहौल है।

 

अविनाश कुमार की यह उपलब्धि वर्षों के अथक परिश्रम, अनुशासन, संघर्ष और कुश्ती के प्रति उनके समर्पण का परिणाम मानी जा रही है। चौसा की मिट्टी से निकलकर जापान के अंतरराष्ट्रीय खेल मंच तक पहुंचना न केवल अविनाश कुमार के लिए, बल्कि बक्सर और बिहार के लिए भी गौरव की बात है। बिहार के कुश्ती जगत में अविनाश कुमार की इस उपलब्धि को महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बिहार की धरती से भारतीय कुश्ती टीम के स्पोर्टिंग स्टाफ के रूप में एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले पहले व्यक्ति के रूप में अविनाश कुमार का नाम सामने आया है। उनकी यह सफलता बिहार के हजारों युवा पहलवानों और उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनने वाली है।

 

इस गौरवपूर्ण अवसर पर भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष संजय सिंह, भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह, बिहार कुश्ती संघ के अध्यक्ष विशाल सिंह, सचिव विनय कुमार, बक्सर कुश्ती संघ के सचिव विकास राज तथा अध्यक्ष अशोक सिंह सहित देशभर के पहलवानों, प्रशिक्षकों, खेलप्रेमियों, समाजसेवियों एवं कुश्ती से जुड़े लोगों ने अविनाश कुमार को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। सभी ने कहा कि अविनाश की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि चौसा, बक्सर और पूरे बिहार के लिए गौरव का विषय है। उनकी यात्रा यह संदेश देती है कि ग्रामीण और छोटे शहरों से निकलने वाली प्रतिभाएं भी कठिन परिश्रम, अनुशासन और निरंतर साधना के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकती हैं। बक्सर की कुश्ती परंपरा को नई पहचान दिलाते हुए अविनाश कुमार ने एक मिसाल कायम की है। चौसा के अखाड़े की मिट्टी से जापान के अंतरराष्ट्रीय खेल मंच तक का उनका सफर आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक रहेगा। बक्सर कुश्ती संघ एवं समस्त कुश्ती परिवार ने उनके सफल कार्यकाल और भारतीय कुश्ती टीम में महत्वपूर्ण योगदान की कामना की है।

 

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