देसी कट्टा और 17 जिंदा कारतूस रखने के मामले में अभियुक्त को 3 साल की सजा, 10 हजार जुर्माना
बक्सर कोर्ट का फैसला: आर्म्स एक्ट की अलग-अलग धाराओं में सुनाई गई सजा, सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी


न्यूज़ विज़न। बक्सर
अवैध हथियार रखने के मामले में बक्सर न्यायालय ने एक अभियुक्त को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। प्रथम न्यायिक दंडाधिकारी-11 दिवाकर राम की अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद इटाढ़ी थाना क्षेत्र निवासी रुपेश कुमार ओझा, पिता उदय नारायण ओझा को आर्म्स एक्ट की अलग-अलग धाराओं में दोषी पाते हुए यह सजा सुनाई। अदालत ने अभियुक्त पर प्रत्येक संबंधित धारा में 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। हालांकि, सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
गुप्त सूचना पर हुई थी छापेमारी
अभियोजन पदाधिकारी प्रियांशु मिश्रा ने बताया कि यह मामला 19 सितंबर 2024 का है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि रुपेश कुमार ओझा के पास अवैध हथियार मौजूद हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम का गठन कर उसके घर पर छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान पुलिस ने उसके घर से एक देसी कट्टा, एक राइफल और 17 जिंदा कारतूस बरामद किए थे। बरामदगी के बाद पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।
गवाहों की गवाही और साक्ष्यों के आधार पर फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से परीक्षित गवाहों की गवाही, जब्त प्रदर्श, अभिलेख पर उपलब्ध कागजी साक्ष्य तथा अन्य साक्ष्यों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त को दोषी पाया। इसके बाद प्रथम न्यायिक दंडाधिकारी-11 दिवाकर राम की अदालत ने आर्म्स एक्ट की अलग-अलग धाराओं में तीन-तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक धारा के तहत 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
एक साथ चलेंगी सभी सजाएं
अदालत के आदेश के अनुसार अभियुक्त को सुनाई गई सभी कारावास की सजाएं साथ-साथ चलेंगी। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अभियोजन पदाधिकारी प्रियांशु मिश्रा ने पैरवी की।





