NEET पेपर लीक आंदोलन में गिरफ्तार छात्र-युवाओं की रिहाई पर बक्सर में संकल्प दिवस, AISA-RYA ने निकाला मार्च
शहीद पार्क से निकला प्रतिरोध मार्च, अंबेडकर चौक पर सभा के साथ हुआ समापन; शिक्षा-परीक्षा में भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष तेज करने का लिया संकल्प


न्यूज़ विज़न। बक्सर
NEET पेपर लीक और शिक्षा-परीक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ चले छात्र-युवा आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए छात्र-युवाओं की रिहाई के बाद बक्सर में AISA (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन) और RYA (रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन) के कार्यकर्ताओं ने इसे ‘संकल्प दिवस’ के रूप में मनाया। राज्यव्यापी आह्वान के तहत आयोजित कार्यक्रम में छात्र-युवा संगठनों के कार्यकर्ताओं ने शहर में मार्च निकालकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार और आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग उठाई।
कार्यक्रम की शुरुआत शहीद पार्क, कवलदह पोखरा, बक्सर से हुई। यहां से छात्र-युवाओं ने मार्च निकाला, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए अंबेडकर चौक पहुंचा। यहां सभा आयोजित कर आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए सभी छात्र-युवाओं की रिहाई को आंदोलन की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि NEET पेपर लीक के खिलाफ छात्र-युवाओं का आंदोलन शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक बन चुका है। आंदोलन के दौरान गिरफ्तार छात्र-युवाओं की रिहाई के लिए AISA और RYA ने राज्यभर में प्रदर्शन किया। इस दौरान जंतर-मंतर पर अनशन कर रही नेता नेहा और अजीत कुमार सिंह ने डीजीपी से मुलाकात कर गिरफ्तार आंदोलनकारियों की रिहाई की मांग भी उठाई थी। इसके बाद कल और आज कई गिरफ्तार छात्र-युवाओं के जेल से बाहर आने को आंदोलन की बड़ी जीत बताया गया। सभा में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा और परीक्षा में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपने किए गए वादों से बार-बार मुकरती रही है। ऐसे में जब तक आंदोलन में गिरफ्तार सभी साथी अपने घर वापस नहीं लौट जाते, तब तक छात्र-युवाओं को चौकन्ना रहना होगा और प्रशासन पर जरूरी दबाव बनाए रखना होगा।
इन मांगों को लेकर उठाई आवाज
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पालीगंज विधायक संदीप सौरभ के खिलाफ NEET आंदोलन के दौरान भाजपा की साजिश के तहत दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग की। इसके अलावा नगरनौसा के सभी आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की भी मांग उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से आंदोलनकारियों के खिलाफ अखबारों में कथित तौर पर दुर्दांत अपराधियों की तरह लुकआउट नोटिस और तस्वीरें जारी करने के लिए माफी मांगने की मांग की। वहीं आंदोलनकारियों पर AK-47 से फायरिंग का आदेश देने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने और पुलिस की गोली या लाठी से घायल सभी आंदोलनकारियों को मुआवजा देने की मांग भी रखी गई। छात्र संगठनों ने बिहार के विश्वविद्यालयों में 300 प्रतिशत फीस वृद्धि वापस लेने, ऑनर्स में नामांकन के लिए 7.5 CGPA की अनिवार्यता खत्म करने, शिक्षा के बाजारीकरण पर रोक लगाने और प्राइवेट विश्वविद्यालय अधिनियम वापस लेने की मांग की। इसके साथ ही NTA को भंग करने, सभी रिक्त पदों पर अविलंब बहाली करने तथा डिग्री कॉलेजों को विश्वविद्यालयों से अलग करने वाले विधेयक को वापस लेने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
बड़ी संख्या में शामिल हुए छात्र-युवा
संकल्प दिवस के कार्यक्रम में AISA और RYA से जुड़े बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन में बक्सर नगर सचिव ओम जी, डुमरांव सचिव धर्मेंद्र यादव, RYA जिला संयोजक राजदेव सिंह, AISA जिला सचिव अखिलेश ठाकुर सहित ललन राम, कन्हैया पासवान, अरविंद यादव, रिंकू कुरैशी, महफूज, कुश भगवान, अभय पांडे, पूजा, संध्या, शिवजी राय, ऊषा देवी, शंकर समेत अन्य छात्र-युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने कहा कि गिरफ्तार साथियों की रिहाई आंदोलन की जीत है, लेकिन शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा में पारदर्शिता की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। संकल्प दिवस के जरिए छात्र-युवाओं ने शिक्षा-परीक्षा में भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष को और तेज करने का संकल्प लिया।





