बांकीपुर उपचुनाव: पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार सिन्हा ने प्रशांत किशोर को दिया समर्थन, कहा– ‘जाति-धर्म से ऊपर उठकर करें मतदान’
'बस्ता छाप' पर वोट देने की अपील, बोले– बिहार की राजनीति में बदलाव का अवसर


न्यूज़ विज़न। बक्सर
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के राजनीतिक समीकरणों के बीच जन सुराज को एक बड़ा नैतिक और राजनीतिक समर्थन मिला है। स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी सेनानी एवं “बिहार विभूति” अनुग्रह नारायण सिन्हा के पौत्र, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री सत्येंद्र नारायण सिन्हा के पुत्र, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, औरंगाबाद के पूर्व लोकसभा सांसद, नागालैंड एवं केरल के पूर्व राज्यपाल तथा 1963 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी निखिल कुमार सिन्हा ने जन सुराज के उम्मीदवार प्रशांत किशोर के समर्थन की घोषणा की है।
अपने संदेश में निखिल कुमार सिन्हा ने बांकीपुर की जनता से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि यह चुनाव केवल किसी दल या व्यक्ति का नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति की दिशा तय करने का अवसर है। उन्होंने मतदाताओं से आग्रह किया कि वे जाति, धर्म और पारंपरिक राजनीतिक प्रतिबद्धताओं से ऊपर उठकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि यदि बिहार में नई राजनीति, बेहतर शासन व्यवस्था और विकास की नई सोच को आगे बढ़ाना है, तो जन सुराज के उम्मीदवार प्रशांत किशोर को विजयी बनाना आवश्यक है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे चुनाव चिह्न “बस्ता छाप” पर मतदान कर जन सुराज के अभियान को मजबूत करें।
निखिल कुमार सिन्हा का यह समर्थन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वे लंबे समय तक कांग्रेस से जुड़े रहे हैं और प्रशासनिक व राजनीतिक दोनों क्षेत्रों में उनका व्यापक अनुभव रहा है। स्वतंत्रता सेनानी अनुग्रह नारायण सिन्हा के परिवार से आने के कारण बिहार की राजनीति में उनकी अलग पहचान और सम्मान है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनके समर्थन से बांकीपुर उपचुनाव में जन सुराज को नैतिक मजबूती मिल सकती है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस समर्थन का चुनावी मुकाबले और मतदाताओं के रुझान पर कितना प्रभाव पड़ता है। फिलहाल, निखिल कुमार सिन्हा की अपील के बाद बांकीपुर उपचुनाव का राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो गया है तथा सभी दलों की नजर अब मतदाताओं के अंतिम निर्णय पर टिकी हुई है।





